top haryana

Haryana news: हरियाणा में बन सकते हैं नए जिले और तहसीलें, सरकार की बड़ी तैयारी

Haryana news: हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। सरकार राज्य में नए तहसील, जिले और उपतहसील बनाने की तैयारी में है, आइए जानें पूरा प्लान...
 
Haryana news, top haryana news, hindi news, big breaking news, haryana news in hindi, haryana top news, top haryana news, top haryana news, hindi haryana news, hayana ki taja khabar, haryna news, haryana ki breaking news
WhatsApp Group Join Now

Top Haryana: हरियाणा सरकार राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए जिले, तहसील, उप-तहसील और उपमंडल बनाने की तैयारी कर रही है। इसको लेकर सरकार को अब और समय मिल गया है क्योंकि भारत के महा रजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने राज्य सरकार को 31 दिसंबर 2025 तक प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव की छूट दे दी है।

जनगणना से पहले बदल सकेंगी सीमाएं
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को यह निर्देश दिया है कि अगले साल फरवरी से जनगणना का कार्य शुरू होने जा रहा है। ऐसे में 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक किसी भी जिले, तहसील या अन्य प्रशासनिक इकाई की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। इसलिए राज्य सरकार को इसी साल के अंत तक नए जिले और तहसील बनाने का फैसला लेना होगा।

सरकार ने बनाई कमेटी
हरियाणा सरकार ने इस विषय में पहले से ही एक कैबिनेट सब कमेटी बना रखी है। इस कमेटी के अध्यक्ष प्रदेश के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार हैं। इसके साथ ही राजस्व एवं शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल, संसदीय कार्य मंत्री महीपाल ढांडा और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा को भी इस कमेटी में शामिल किया गया है।

पांच नए जिलों की हो रही मांग
अब तक इस कैबिनेट सब कमेटी के पास पांच क्षेत्रों को जिला बनाने की मांग आई है। इनमें हांसी (जिला हिसार से), डबवाली (जिला सिरसा से), असंध (जिला करनाल से), सफीदों (जिला जींद से) और गोहाना (जिला सोनीपत से) शामिल हैं। इसके अलावा मानेसर को भी जिला बनाने की मांग उठी है लेकिन सरकार के पास इसका कोई लिखित प्रस्ताव नहीं आया है।

अधिकारी और जनप्रतिनिधियों से मांगे जा रहे प्रस्ताव
नए जिले, तहसील या उप-तहसील बनाने के लिए उपायुक्तों की रिपोर्ट और विधानसभा क्षेत्र के विधायकों, नगर परिषद या नगर निगम की सिफारिश जरूरी होगी। सरकार इस पर विचार कर रही है कि अगर प्रस्ताव आए तो नए मंडल (डिवीजन) भी बनाए जा सकते हैं।