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हिसार वाइल्ड लाइफ ट्रीटमेंट सेंटर बना कत्लखाना, बिश्नोई समाज में भारी आक्रोश

हरियाणा के हिसार में अखिल भारतीय बिश्नोई जीव रक्षा सभा ने हरियाणा सरकार एवं वन्य प्राणी विभाग पर लगाए गंभीर आरोप

 
हिसार वाइल्ड लाइफ ट्रीटमेंट सेंटर बना कत्लखाना, बिश्नोई समाज में भारी आक्रोश
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Top Haryana: अखिल भारतीय बिश्नोई जीव रक्षा सभा का कहना है कि हिसार में स्थापित वाइल्ड लाइफ ट्रीटमेंट सेंटर अब कत्लखाने का रूप ले चूका हैं। हिसार रेंज में स्थापित इस वाइल्ड लाइफ ट्रीटमेंट सेंटर में दूर-दराज से वन्य प्राणियों को ईलाज के लिए लाया जाता हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव के चलते यहां आने के बाद वे जीव दम तोड़ देते हैं।

इसके अलावा इस सेंटर में वन्य जीवों के लिए पीने के लिए पानी तक भी नहीं हैं। अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा हिसार के प्रधान एडवोकेट चन्द्र सहारण के साथ में सभा के अन्य अधिकारियों नें शुक्रवार को पत्रकार वार्ता करके सरकार एवं वन्य विभाग का ध्यान इस ओर दिलाया। उन्होंने कहा कि हिसार में डीयर पार्क के पास वाइल्ड लाइफ ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित हैं, लेकिन इसमें वन्य जीवों के उपचार के लिए किसी भी तरह की कोई सुविधा नहीं हैं।

प्रशासन की लापरवाही के कारण यहां पर हर दिन जीव दम तोड़ रहें हैं। 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी हिसार आ रहे हैं। ऐसे में हमारी अब एक ही मांग हैं कि जिस प्रकार पीएम ने गुजरात के बनतारा वाइल्ड लाइफ सेंटर में जाकर सुविधाएं देखी ठीक उसी तरह वे हिसार के डीयर पार्क का दौरा करके यहां की व्यवस्था को सही से देखें। बता दें कि यह सेंटर हिसार के एयरपोर्ट के साथ में लगती दीवार के पास ही बना हुआ हैं, इसलिए पीएम को अधिक दूर भी नहीं जाना पड़ेगा।

इस बारें में एडवोकेट चन्द्र सहारण ने राज्य सरकार एवं वन्य प्राणी विभाग हरियाणा की अनदेखी, मनमानी व लापरवाही को भी खुलकर उठाया और कहा कि वास्तव में हिसार में स्थापित वाइल्ड लाइफ ट्रीटमेंट सेंटर अप्रूव ही नहीं हैं। हिसार के वाइल्ड लाइफ ट्रीटमेंट सेंटर को केन्द्रीय चिडियाघर प्राधिकरण ने केवल लिखकर दिया हैं।

आइए सुनिए इस पूर मसले पर एडवोकेट ने क्या कहा और सरकार से इस बारें में क्या मांग उठाई। नमस्कार साथियों, हमारी आप सब से प्रार्थना है कि हम अपना दर्द आपको बोलकर नहीं बता सकते हैं, लेकिन जो जीव अपना दर्द बता नहीं सकते हैं उसके लिए सरकार ने वाइल्ट लाइफ डिपार्टमेंट सेंटर बना रखा हैं।

अपनी सुविधाओं के लिए तो सब कुछ कर रहें हैं लेकिन इन जीवों के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं। यही प्रमुख मुद्दा हैं हिसार के वाइल्ड लाइफ ट्रीटमेंट सेंटर को लेकर हम चाहते हैं कि आप मीडिया इन जीवों की आवाज बनकर ये मुद्दा गंभीरता से उठाएं ये जीव आपको बहुत आर्शीवाद देंगे। इस बारे में एडवोकेट ने बताया कि पहला मुख्य मुद्दा यह हैं कि हिसार वाइल्ड लाइफ ट्रीटमेंट सेंटर अप्रूव ही नहीं हैं। सरकार से हमारी प्रार्थना है कि इस सेंटर को अप्रूवल दिया जाए।

हिसार के इस सेंटर को केन्द्रीय चिडियाघर ने सिर्फ लिखकर ही दिया हैं। दूसरा मुद्दा यह है कि इस सेंटर में वन्य जीवों के लिए डाक्टर नहीं हैं। जीवों के लिए दवाईयां भी उपलब्ध नही हैं। तीसरा मुद्दा यह हैं कि पिछले 10 वर्षों में करीब 10 हजार से अधिक जानवर इन्होंने डबवाली, सिरसा, आदमपुर फतेहाबाद, जींद और भट्टू से यहां पर ट्रांसफर किए हैं।

इन जीवों को ट्रांसफर करने के लिए किसकी अनुमित ली गई थी। इसके अलावा हिसार के इस वाइल्ड लाइफ ट्रीटमेंट सेंटर में जानवरों को क्या दिक्कत हैं यह बात कहीं किसी भी रिकार्ड में दर्ज नहीं की गई हैं। किस जानवर को कौन सी दवाई दी जाएगी इसका भी कोई रिकार्ड इनके पास नहीं हैं। सरकार की लापरवाही के कारण आज यहांं पर जानवर मर रहें हैं।

आपको बता दें कि बिश्नोई समाज ने बड़ोपल और मंडी आदमपुर में वाइल्ड लाइफ ट्रीटमेंट सेंटर बनाने के लिए जगह दिलाई हैं, लेकिन यहां पर विभाग की तरफ से कोई भी सुविधा नहीं है। हमारा पूरा समाज इनकी मदद के लिए तैयार हैं लेकिन ये इसकी तरफ ध्यान नहीं देते हैं। हमारी मीडिया से प्रार्थना हैं कि वाइल्ड लाइफ ट्रीटमेंट सेंटर हिसार के हालात आप अभी जाकर के देख सकते हैं बिश्नोई समाज आपके साथ हैं।

हमारी मांग पीएम के समक्ष है कि बिश्नोई समाज आपसे यही मांग करता हैं कि जिस तरह से पीएम गुजरात के बनतारा सेंटर में गए थे ठीक उसी तरह प्रधानमंत्री मोदी जी 14 अप्रैल को हिसार के हवाई अड्डे के साथ वाली दीवार हिसार के वाइल्ड लाइफ ट्रीटमेंट सेंटर के साथ लगती हैं। प्रधानमंत्री जी यहां पर आए और यहां के हालातों को अपनी आंखों से देखें।