Electric Vehicles: नितिन गडकरी ने किया एक बड़ा ऐलान, यह कार्य पूरा हुआ तो इलेक्ट्रिक व्हीकल होंगे सस्ते
Electric Vehicles: भारत के केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बड़ी बात कही है, देश का यह कार्य पूरे होते ही इलेक्ट्रिक व्हीकल काफी सस्ते होंगे।

Top Haryana, New Delhi: देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल की बिक्री काफी अधिक बढ़ रही है लेकिन इनकी अधिक कीमत होने के कारण ज्यादातर लोगों को इन गाड़ियों खरीदने से रोक देती है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बड़ा ऐलान किया है, उनका यह कहना है कि भारत में अभी एक बड़ा कार्य चल रहा है और जैसे ही यह कार्य पूरा होगा, तो इलेक्ट्रिक व्हीकल की कीमतों में भारी गिरावट आएगी।
नितिन गडकरी महाराष्ट्र में एक कार्यक्रम के समय बोल रहे थे, उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल गाड़ियों के प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण है और इसमें कमी लाने के लिए हमारे देश को इलेक्ट्रिक व्हीकल पर शिफ्ट होना काफी आवश्यक है।
कार्य पूरा होने का है इंतजार
नितिन गडकरी का कहना है कि देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल की कॉस्ट में सबसे बड़ी जरूरी लागत बैटरी की होती है, जैसे ही भारत में लिथियम आयन बैटरी की लागत में गिरावट आएगी वैसे ही इलेक्ट्रिक व्हीकल की कीमतों में भी कमी आ जाएगी, उन्होंने कहा कि साल 2030 तक हमारा भारत देश इलेक्ट्रिक व्हीकल प्रोडक्शन के मामले में पूरी दुनिया में नंबर-1 पर होगा।
उन्होंने कहा कि भारत में लिथियम आयन बैटरी की कीमतें भारी गिरावट देखने को मिल रही है, इस समय ये 100 डॉलर प्रति किलोवाट की कीमत पर आ चुकी है, पिछले कुछ साल पहले यह 150 डॉलर प्रति किलोवाट के हिसाब से बिकती थी, इस कीमत में आगे और कमी आने की उम्मीद लगाई जा रही है, जिसके कारण इलेक्ट्रिक व्हीकल काफी सस्ते होंगे।
भारत में नई बैटरी टेक्नोलॉजी पर रिसर्च इस समय की जा रही है, लिथियम आयन के स्थान पर हम सोडियम-आयन, जिंक-आयन और एल्युमीनियम-आयन जैसी दूसरी प्रकार की बैटरी टेक्नोलॉजी पर कार्य कर रहे है। देश यह तकनीक सफल होने से बैटरी की कीमतों में काफी कमी आएगी और इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में भी गिरावट आ सकेगी।
घटेगा प्रदूषण स्तर
नितिन गडकरी ने कगा कि प्रदूषण को हमारे देश की सबसे बड़ी समस्या है, ट्रांसपोर्ट सेक्टर इसके बड़े कंट्रीब्यूटर्स में से एक मुख्य रूप है, बैटरी से चलने वाले वाहन पॉल्युशन को कम करने में सहायता करेंगे। भारत को इस समय पेट्रोलियम के आयात के लिए हर साल 22 लाख करोड़ रुपये खर्च करने पड़ रहे है।
बैटरी से चलने वाले वाहनों का इस्तेमाल करने से पेट्रोलियम के आयात खर्च होने वाले करोड़ों रुपए की बचत होगी और यह हमारे देश की प्रगति के लिए ये काफी महत्वपूर्ण है।