चाणक्य नीति

Chanakya Niti

आप चाहकर भी नहीं बदल सकते जिंदगी के ये 4 कड़वे सच

इनसे सीखकर जीवन को बेहतर बनाएं

अचार्य चाणक्य के अनुसार

आप कितनी भी कोशिश कर लें जीवन में कुछ सच्चाइयां ऐसी होती हैं जिन्हें इंसान चाहकर भी नहीं बदल सकता. इन्हें स्वीकार करना ही बेहतर होता है.

आप कभी किसी को पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर सकते

हर व्यक्ति की अपेक्षाएं अलग-अलग होती हैं और उन्हें पूरा करना हर बार संभव नहीं होता. चाणक्य कहते हैं कि दूसरों को संतुष्ट करने की कोशिश में खुद को तकलीफ देना सही नहीं है.

आपकी जिम्मेदारियां कभी खत्म नहीं होंगी

आप कितनी भी योजनाएं बना लें, जिंदगी आपको नई-नई चुनौतियां देती रहेगी जीवन में जिम्मेदारियों का सिलसिला कभी नहीं थमता. एक जिम्मेदारी पूरी होती है तो दूसरी तैयार रहती है

चाणक्य ने जीवन का अनिवार्य नियम बताया है.

जीवन की जिम्मेदारियों को बोझ समझने के बजाय उन्हें सहज रूप से स्वीकार करें और उनका समाधान ढूंढते रहें.

आप दूसरों के लिए कितना भी जी लें, लोग आपकी कद्र नहीं करेंगे

चाणक्य कहते हैं कि दूसरों के लिए बलिदान देना या निस्वार्थ भाव से किसी के लिए कुछ करना अच्छी बात है कई बार लोग आपके त्याग को समझ ही नहीं पाते और आपकी अहमियत को नजरअंदाज कर देते हैं.

आप चाहकर भी किसी की जिंदगी नहीं बदल सकते

किसी को सही सलाह दें, लेकिन उसके जीवन को बदलने का दायित्व अपने कंधों पर न लें.