Migraine in children: क्या आपका बच्चा भी है माइग्रेन का शिकार, तो अपनाए ये Diet Plan
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Kamna Top Haryana: बच्चों में माइग्रेन जैसी समस्या देखी जा रही है. 10-15 साल के बच्चे जिनकी खाने-पीने और खेलने की उम्र है, वह माइग्रेन की समस्या से ग्रसित हैं. ऐसे में रांची के एक डॉक्टर ने बताया कि अगर आहार और जीवन शैली में थोड़ा सा बदलाव किया जाए तो, माइग्रेन से आसानी से बिना किसी दवा के छुटकारा मिल सकता है.
डॉ. वीके पांडे ने एक मीडिया हाउस से बातचीत करते हुए बताया कि उनके पास बच्चे आते हैं बताते है कि उनके सिर में बहुत दर्द है। यह सुनकर हैरानी होती है. इसका मुख्य कारण है बच्चों द्वारा फोन का अत्यधिक प्रयोग है।
बच्चे बाहर खेलने नहीं जाते, प्रकृति के बीच में नहीं जाते इसके अलावा पढ़ाई का भी टेंशन और कई बार घर में माहौल का खराब होना इन सबसे बच्चे प्रभावित होते हैं.
इन प्वाइंट पर रखे पूरा फोक्स
• डॉ. वीके पांडे का मानना है कि सबसे पहले तो आहार में बदलाव करना पड़ेगा. बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं. क्योंकि ब्रेन में 70% पानी है. ऐसे में अगर पानी का संतुसन बिगड़ता है तो सिर दर्द की समस्या होती है.तनाव भी अधिक होता है, चिड़चिड़ापन होता है।कम से कम बच्चों को 2 लीटर पानी जरूर पिलाए ।
• बच्चों के आहार में ब्रोकली, बादाम व काजू जैसे ड्राई फ्रूट को शामिल करें. यह यादाश को तेज करता है और जरूरी न्यूट्रिशन दिमाग को प्रदान कराता है। इससे दिमाग चुस्त रहता है।
• अधिक जंक फूड का सेवन ना करने दे ,इससे दिमाग में ब्लड सर्कुलेशन नहीं हो पाता है, जितना चाहिए होता है. शरीर भारी होता है। ब्रेन फंक्शन अच्छे से न होने के कारण चिड़चिड़ापन और तनाव जैसी समस्या होती है।
• बच्चों को बाहर खेलने दें, ऐसा कोई खेल जिसमें शरीर का व्यायाम हो, बच्चे को दोस्तों के साथ खुलकर बात करने दे जिससे भी टेंशन दुर हो जाए , हवादार वातावरण में घुमने दे ।
डॉ. वीके पांडे के अनुसार, अगर कोई बच्चा रोज इतना कर ले तो आप देखेंगे एक हफ्ते में ही बच्चों का माइग्रेन का दर्द गायब हो जाएगा. कुछ ही दिनो में अच्छा रिजल्ट देखने को मिलेगा।