17 हजार करोड़ का निवेश, करेंसी मार्केट में मचाया बवाल, रुपया होगा हावी

Top Haryana, New Delhi: शुक्रवार 28 मार्च 2025 सप्ताह नहीं बल्कि वित्त वर्ष का भी आखिरी कारोबार का दिन है। ऐसे में अमेरिकी करेंसी का घमंड तोड़ने के लिए रुपए ने कदम बढ़ाया है और पूरे करेंसी मार्केट में तबाही की तरह टूट पड़ा है।
28 मार्च के दिन करेंसी मार्केट में काफी तेजी चल रही है, जिसकी वजह दूसरे देशों में बैठे निवेशकों को माना जा रहा है उन्होंने सप्ताह की शुरुआत से लेकर आखिरी दिन तक 17 हजार करोड़ रुपये निवेश किये है जिनकी डॉलर में कीमत लगभग 2 बिलियन है। हालांकि, बीते तीन दिनों में रुपए में गिरावट के साथ मार्केट बंद हो रहा था उसके बावजूद विदेशी निवेशकों के द्वारा रुपए को पूरा सपोर्ट मिल रहा था।
एक्सपर्ट्स की मानें, तो भविष्य में रुपया पूरे करेंसी मार्केट में अपनी धाक जमा सकता है और पूरे मार्केट में बिजली की तरह टूट पड़ने को तैयार है। रुपये की स्थिति में इस बदलाव का कारण आरबीआई के द्वारा विदेशी निवेश में होने वाले बदलाव को माना जा रहा है। इंडिविजुअल फॉरेन इन्वेस्टर्स जिसकी लिमिट 5 प्रतिशत है उसे बढ़ाकर आरबीआई 10 फीसदी करने जा रही है, इसके पीछे का लक्ष्य विदेशी निवेशकों के निवेश को बढ़ाना है। इस बदलाव के बाद विदेशी निवेशक पहले से ज्यादा निवेश करेंगे और विदेशी दौलत की बाढ़ आ जाएगी जिससे रुपया तेजी से बढ़ते हुए देखने को मिलेगा।
4 दिनों में दिखा भारी बदलाव
वित्त वर्ष के आखिरी दिन यानी की शुक्रवार के दिन कारोबार की शुरुआत में रुपया डॉलर की टक्कर में 18 पैसे बढ़कर 85.56 पर पहुंच गया। सोमवार से शुक्रवार तक विदेशी निवेशकों के द्वारा 2 बिलियन डॉलर का निवेश किया गया है और पूरे महीने का निवेश 3 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा है, यही कारण है कि रुपए में तेजी दिखाई दे रही है। इंटरबैंक फॉरेन करेंसी एक्सचेंज मार्केट में डॉलर के मुकाबले रुपया 85.64 पर खुला और 85.56 पर पहुंच गया। गुरुवार की शाम मार्केट बंद के समय रुपया 85.74 पर था और डॉलर के आंकड़ों के हिसाब से रुपया डॉलर से 5 पैसे कमजोर होकर बंद हुआ था। शुक्रवार को रुपया गुरुवार के मुकाबले 18 पैसे ऊपर था।
डॉलर का भविष्य
अनिल कुमार भंसाली जो ट्रेजरी हेड और फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के अनुसार, शुक्रवार का सत्र महीने, सप्ताह और वित्त वर्ष का अंतिम सत्र होगा, इसलिए डॉलर(USD) और रुपया(INR) के बीच कीमत 85.60 से 86 के बीच रहने की संभावना है। अनिल कुमार भंसाली कहा है कि, महीने के आखिरी दिन यानि की 31 मार्च को पिछले तीन महीने के चालू खातों का डेटा जारी किया जाएगा और साथ ही, कुछ अन्य डेटा भी जारी होंगे।
इसके अलावा, दुनिया भर की अर्थव्यवस्था और व्यापारिक रिश्तों में बदलाव देखने को मिल सकता है क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा आदेश दिया गया था कि ऑटो आयात पर 25 परसेंट कर लगाया जाए। इस आदेश से व्यापार में तनाव ज्यादा हो सकता है और इसी कारण वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की भावना पर असर पड़ा है।