Indian Economy: देश को बदल देगी ये 434 परियोजनाएं, भारत को विकसित करने में मिलेगी एक नई उड़ान
Indian Economy: देश में 434 मेजर इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाए जाने वाले है, जिससे भारत देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इनमें से 192 कॉरीडोर एनर्जी, मिनरल और सीमेंट कॉरिडोर बनाए जाएंगे।

TOP HARYANA: हमारे देश के विकास का कायापलट कर देने वाले मेगा प्रोजेक्ट पर भारत की सरकार 1 लाख 17 हजार करोड़ खर्च करने जा रही है। देश में 434 मेजर इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाए जाने वाले है, जिससे भारत देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।इनमें से 192 कॉरीडोर एनर्जी, मिनरल और सीमेंट कॉरिडोर, 200 हाई ट्रैफिक डेंसिटी रूट और 42 रूट पोर्ट कनेक्टिविटी पर फोकस करेंगे। जिसके तहत चुनी गई 434 परियोजनाएं भारत में रोजगार, विकास और समृद्धि के सपनों को नई उड़ान देने का कार्य करेगी।
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने पिछले दिनों इन सभी प्रकार की परियोजनाओं को मंजूरी दी है, PM गतिशक्ति योजना के तहत धरातल पर उतरने के बाद ये परियोजनाएं भारत में लॉजिस्टिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का नक्शा ही चेंज कर देंगी। इसके तहत 3 बड़े इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाए जाने वाले है, इनमें से एक एनर्जी, मिनरल और सीमेंट वाला कॉरीडोर होगा और दूसरा पोर्ट कनेक्टिविटी और तीसरा ट्रैफिक डेंसिटी कॉरिडोर होगा।
रोडवेज, रेलवे, और एयरवेज के बनेंगे मल्टी मॉडल जंक्शन
पीएम गति शक्ति योजना के तहत हमारे देश में कई स्थानों पर वाटरवेज, रोडवेज, रेलवे और एयरवेज के मल्टी मॉडल जंक्शन बनाए जाने वाले है। इसके तहत इंडस्ट्री के कच्चा और तैयार माल को बहुत जल्दी एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने बहुत आसानी होगी।इस तरह लॉजिस्टिक लागत घटने से देश में तैयार माल सस्ते हो सकेगे।
जिससे लोगों को अपनी जरूरतों पर कम खर्च करने होंगे और निर्यात के लिए भारतीय माल विश्व बाजार में कंपटीशन में शामिल हो सकेंगे, भारत सरकार 31 अक्टूबर 2024 तक 91 कार्गो टर्मिनल्स को मंजूरी दे चुकी है। नए टर्मिनल विकसित करने के 339 प्रस्ताव के बारे में भारत सरकार के स्तर पर अब विचार चल रहा है।
देश में 434 मेजर इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाए जाएंगे
PM गति शक्ति योजना के तहत हमारे देश में 434 मेजर इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाए जाने वाले है, इनमें से 192 कॉरिडोर एनर्जी, मिनरल और सीमेंट कॉरीडोर के लिए होंगे, 200 हाई ट्रैफिक डेंसिटी रूट के लिए होंगे। 42 रूट पोर्ट से कनेक्टिविटी करें के लिए फोकस करेंगे, इनमें से 156 परियोजनाओं का डीपीआर तैयार हो चुका है।
इनमें से चुनी गई 68 परियोजनाओं के तहत 6 हजार 290 किलोमीटर के कनेक्टिविटी वाले ट्रैक तैयार किए जाएंगे। इनके लिए भारत की सरकार 1 लाख 11 हजार 663 करोड़ रुपये मंजूर कर चुकी है, इनके अलावा 10 हजार 603 करोड़ की इकोनॉमिक कॉरिडोर परियोजनाओं पर 2 लाख 25 हजार 301 करोड़ रुपये खर्च होने वाले है।