Cibil Score: क्या आप नहीं भर पा रहे है लोन की किस्त, तो जल्द करें ये 4 काम, बच सकता है आपका सिबिल स्कोर

Top Haryana: स्थिति में EMI बाउंस होने पर कुछ ठोस कदम उठाकर आप अपनी वित्तीय स्थिति को संभाल सकते हैं और सिबिल स्कोर पर नकारात्मक असर से बच सकते हैं। आइए इसे विस्तार से समझते हैं...
बैंक मैनेजर से मिलें:
जब भी आपकी EMI बाउंस हो, सबसे पहले बैंक की शाखा में जाकर बैंक मैनेजर से मिलें। यदि यह किसी अप्रत्याशित परिस्थिति के कारण हुआ है, तो बैंक को अपनी समस्या समझाएं और भरोसा दिलाएं कि भविष्य में ऐसा नहीं होगा। बैंक प्रायः समझने की कोशिश करता है, और यदि आपकी बात सही होती है, तो वे आपको लचीलापन दे सकते हैं। यहां तक कि पेनल्टी भी ज्यादा नहीं हो सकती, जिससे आपकी स्थिति आसान हो।
सिबिल स्कोर के लिए बात करें:
अगर आपकी EMI केवल एक या दो बार बाउंस हुई है, तो बैंक से अनुरोध करें कि वे आपके सिबिल स्कोर पर नकारात्मक रिपोर्ट न भेजें। बैंक के पास अधिकार होता है कि वह तीन बार EMI बाउंस होने पर सिबिल को रिपोर्ट भेजे। इस लिहाज से, यह बेहद महत्वपूर्ण है कि आप बैंक से मिलकर उनकी मदद लें, ताकि आपको भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो, खासकर जब आप भविष्य में लोन लेने की सोचें।
ईएमआई होल्ड करने के लिए आवेदन:
यदि आप कुछ समय के लिए EMI चुकाने में असमर्थ हैं, तो बैंक मैनेजर से बातचीत करके कुछ समय के लिए EMI होल्ड करने का आवेदन करें। कुछ बैंक इस सुविधा को प्रदान करती हैं, जिससे आप कुछ समय के लिए राहत पा सकते हैं। यह उपाय तब कारगर होता है जब आपको लगता है कि आपकी वित्तीय स्थिति जल्द ही ठीक हो जाएगी, और आप बाद में चुकता कर सकेंगे।
एरियर EMI का विकल्प:
यदि आपकी सैलरी लेट आती है या पैसों की कमी के कारण EMI चुकाना मुश्किल हो रहा है, तो आप बैंक से एरियर EMI का विकल्प ले सकते हैं। इसमें EMI की भुगतान तिथि को महीने के अंत में शिफ्ट किया जा सकता है। इससे आपको थोड़ा और समय मिल सकता है और आपकी EMI समय पर चुकाने में कोई रुकावट नहीं होगी।