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Vigilance raid in Bihar: जिला शिक्षाअधिकारी के घर पर पड़ा छापा, करोड़ों रुपये बरामद

Vigilance raid in Bihar:प्रदेश के जिला शिक्षाअधिकारी के घर पर छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपये की नकदी बरामद की गई है, जिसके चलते यह खबर पूरे प्रदेश में आग की तरह फैल रही है, आइए जानते है इसके बारें में विस्तार के साथ...

 
Vigilance raid in Bihar: जिला शिक्षाअधिकारी के घर पर पड़ा छापा, करोड़ों रुपये बरामद
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TOP HARYANA: प्रदेश से एक बहुत बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है कि जिला शिक्षा अधिकारी के घर विजिलेंस की टीम छापेमारी ने छापेमारी के द्वोरान करोड़ो रुपए बरामद किए। यह खबर आपको काफी हैरान कर देगी, रजनीकांत प्रवीण बेतियां में जिला शिक्षा अधिकारी है। व उनके तमाम ठिकानो पर अभी रेड चल रही है। उनके कार्यालय समेत अन्य ठिकानों पर रेड चल रही है। शुरु से जांच में टीम को उनके यहां से बड़ी तादात में नकदी मिली है। चल-अचल संपत्ति भी बरामद कर ली गई है।

करोड़ों की नकदी मिलने पर मंगवाई नोट गिनने की मशीन

करोड़ों की नकदी मिलने के साथ ही उनके ठिकानों से चल-अचल संपत्ति के सभी कागजात भी मंगवाए गए हैं। ठिकानों पर विजिलेंस की टीम छापेमारी अभी भी जारी है। जिला शिक्षा अधिकारी के घर से इतनी बड़ी रकम के मिलने से टीम भी हेरियत में है। कि मशीन से भी नोटो को गिनना मुश्किल हो रहा है। सुबह से छापेमारी लगातार जारी है। किसी को घर के अंदर जाने या भीतर से बाहर आने की अनुमति नही है। पिछले कई घंटों से विजिलेंस की टीम उनके घर पर हि जांच पड़ताल कर रही है। जिला शिक्षा अधिकारी रजनीकांत प्रवीण पिछले 3 सालों से बिहार राज्य में बेतिया में कार्यरत है।

घर से अब तक 1.87 करोड़ की रकम बरामद की

रजनीकांत प्रवीण पश्चिम चंपारण के जिला शिक्षा अधिकारी हैं। उनके तीन से ज्यादा ठिकानों पर टीम छापेमारी चल रही है। आय से अधिक संपत्ति मामले में ये कार्रवाई चल रही है। शिक्षको ने भी कई बार उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, उस समय छापेमारी नही हुई थी। जानकारी के मुताबिक रजनीकांत प्रवीण के ठिकानों से अब तक 1.87 करोड़ रुपए कि रकम मिलना सबको हैरान कर देता है। उनके पास करीब 3 करोड़ की संपत्ति होने का आरोप है।आय से अधिक संपत्ति का मिलना सबको आश्चर्य में डाल देता है।

जिला शिक्षा अधिकारी के घर पर छापेमारी  

रजनी कांत प्रवीण 

रजनी कांत प्रवीण बिहार राज्य में  शिक्षा विभाग के 45 वें बैच के अफसर हैं। उन्होंने वर्ष 2005 में सेवा कि शुरुआत कि थी, करीब 20 सालों से शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान है। लेकिन छापे में उनके घर से करोड़ों कि रकम मिलना समाज के लिए सवाल खड़ा करता है। उनकी धर्मपत्नी एक स्कूल चलाती हैं। आरोप लगाने वाले कहते है कि यह उनकी काली कमाई से हि व अवैध रकम के निवेश से ही उनकी पत्नी स्कूल चलाती हैं।