Smart bijli meter: प्रदेश के राज्यों में बिजली ग्राहकों के लिए खुशखबरी, सरकार द्वारा बड़ा फैसला

Top Haryana: हरियाणा सरकार की ओर से बिजली क्षेत्र में सुधार और पारदर्शिता लाने का बड़ा कदम है। प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की यह योजना उपभोक्ताओं को न केवल बिजली खपत पर नियंत्रण रखने में मदद करेगी, बल्कि बिजली वितरण प्रणाली को भी अधिक कुशल और पारदर्शी बनाएगी।
स्मार्ट मीटर के लाभ:
1. रियल-टाइम मॉनिटरिंग: उपभोक्ता अपनी बिजली खपत को तुरंत देख सकते हैं।
2. खर्च पर नियंत्रण: उपभोक्ता अपने बजट के अनुसार बिजली खपत को सीमित कर सकते हैं।
3. प्रीपेड विकल्प: स्मार्ट मीटर में प्रीपेड सुविधा होती है, जिससे उपभोक्ता पहले भुगतान करके बिजली का उपयोग कर सकते हैं।
4. पारदर्शिता: मीटर रीडिंग में गड़बड़ी की संभावना कम हो जाती है।
5. ऑनलाइन ट्रैकिंग: स्मार्ट मीटर को मोबाइल ऐप या पोर्टल से जोड़ा जा सकता है, जिससे खपत और बिल का ट्रैक रखना आसान होता है।
उपभोक्ता खुद तय करेंगे बिजली की खपत
हरियाणा में प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर लगाने की यह पहल उपभोक्ताओं को उनकी बिजली खपत पर सीधा नियंत्रण देने का एक बड़ा कदम है। केंद्रीय ऊर्जा और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा दी गई जानकारी से साफ है कि इस योजना का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बिजली खपत के प्रति अधिक जागरूक और जिम्मेदार बनाना है।
प्रीपेड स्मार्ट मीटर के फायदे:
उपभोक्ता अपनी मासिक आय और जरूरत के अनुसार बिजली का रिचार्ज कर सकेंगे।
जितना रिचार्ज, उतनी बिजली खपत।
अनावश्यक बिजली खपत पर रोक लगेगी।
बिजली का संरक्षण और बचत को बढ़ावा मिलेगा।
लंबे-चौड़े बिलों से छुटकारा:
अब हर महीने बिजली के भारी-भरकम बिल नहीं आएंगे।
उपभोक्ताओं को सिर्फ उतना ही भुगतान करना होगा, जितनी बिजली उन्होंने खपत की है।
स्मार्ट मीटर के जरिए उपभोक्ता अपनी खपत की जानकारी तुरंत देख सकते हैं।
बैलेंस खत्म होने पर अलर्ट मिलेगा।
2 चरणों में लगेंगें स्मार्ट मीटर
हरियाणा में बिजली बिलों के भुगतान प्रक्रिया में यह बदलाव राज्य को अधिक डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर को दो चरणों में लागू किया जाएगा, जिससे बिजली खपत को मॉनिटर करना और उपभोक्ताओं को अधिक जागरूक बनाना संभव होगा।
दो चरणों की योजना:
1. पहला चरण:
राज्य के सरकारी कार्यालयों और सरकारी कर्मचारियों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
इसका उद्देश्य सरकारी संस्थानों और कर्मचारियों द्वारा बिजली खपत में पारदर्शिता लाना है।
2. दूसरा चरण:
आम नागरिकों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
आम उपभोक्ताओं को अपनी खपत के अनुसार प्रीपेड रिचार्ज करने की सुविधा दी जाएगी।
यह चरण सभी घरों को कवर करेगा, जिससे राज्य भर में समान लाभ सुनिश्चित हो।
स्मार्ट मीटर के कार्य:
उपभोक्ता प्रीपेड रिचार्ज के जरिए बिजली उपयोग करेंगे।
मीटर रियल-टाइम खपत डेटा दिखाएगा।
बैलेंस खत्म होने से पहले उपभोक्ता को अलर्ट मिलेगा।
सरकार का उद्देश्य:
इस योजना का मकसद बिजली की खपत को नियंत्रित करना, आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाना और हरियाणा को डिजिटल और ऊर्जा-कुशल राज्य बनाना है। यह न केवल उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद है, बल्कि बिजली वितरण प्रणाली को भी कुशल बनाएगा।