Republic Day 2025: गणतंत्र दिवस पर पढ़े महान नेताओं के प्रेरणादायक विचार

TOP HARYANA: भारत के गणतंत्र बनने की कहानी उन महान विभूतियों के संघर्ष, योगदान और बलिदान से लिखी गई है, जिन्होंने आजादी दिलाने से लेकर संविधान बनाने तक अपनी अमूल्य भूमिका निभाई। 26 जनवरी 1950, गुरुवार का वह ऐतिहासिक दिन था जब भारत को एक संप्रभु गणराज्य घोषित किया गया और संविधान लागू हुआ। इस दिन को हर भारतीय अपने गौरव और स्वतंत्रता के उत्सव के रूप में मनाता है।
गणतंत्र दिवस पर देश के महान नेताओं के विचार आज भी हर नागरिक के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। डॉक्टर भीमराव आंबेडकर, महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने विचारों और कार्यों से देश को नई दिशा दी। इनके प्रेरणादायक विचार न केवल हमें उनके योगदान को याद दिलाते हैं, बल्कि हमें अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक और मजबूत बनाते हैं।
डॉ. भीमराव आंबेडकर
डॉ. भीमराव आंबेडकर ने शिक्षा, संगठन और संघर्ष का आह्वान करते हुए कहा, “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो।” उनके विचार बताते हैं कि जीवन लंबा नहीं, बल्कि महान होना चाहिए। वहीं महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा को अपने जीवन का मूलमंत्र बताया। उनका विचार था, “खुद में वो बदलाव कीजिए जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं।”
शहिद भगत सिंह
भगत सिंह ने अपने क्रांतिकारी विचारों से युवा पीढ़ी को प्रेरित किया। उन्होंने कहा, “अपना जीवन अपने दम पर चलता है, दूसरों के कंधों पर तो अंतिम यात्रा पूरी होती है।” उनका नारा “इंकलाब जिंदाबाद!” आज भी देशभक्ति की भावना जगाता है। लाला लाजपत राय का नारा “सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है” देश के लिए उनकी बलिदानी भावना को दर्शाता है।
सुभाष चंद्र बोस
सुभाष चंद्र बोस ने अपने जोशीले शब्दों, “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा,” से देशवासियों में क्रांति का ज्वार पैदा किया। चंद्रशेखर आजाद के विचार “हम दुश्मन की गोलियों का सामना करेंगे, आजाद ही रहेंगे,” आज भी हर भारतीय के दिल में जोश भरते हैं।
इस गणतंत्र दिवस पर इन महान विभूतियों के विचारों को याद करके हम न केवल उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं, बल्कि अपने कर्तव्यों को बेहतर ढंग से निभाने की प्रेरणा भी पाते हैं। उनका जीवन और विचार हमें यह सिखाते हैं कि देश की आजादी और लोकतंत्र की रक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है।