top haryana

RBI Rules 2025: आरबीआई का नया निर्देश लागू, बैंक बंद होने के बाद भी मिलेगा इतना पैसा, जानें पूरी जानकारी

Bank account: बैंक के डूबने की स्थिति में सबसे बड़ी चिंता यह होती है कि जमा किए गए पैसों का क्या होगा। भारत में, यदि कोई बैंक डूब जाता है, तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमन के तहत डिपॉज़िट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) के द्वारा खाताधारकों को कुछ सुरक्षा दी जाती है, आइए जानते है पूरी खबर...

 
RBI Rules 2025: आरबीआई का नया निर्देश लागू, बैंक बंद होने के बाद भी मिलेगा इतना पैसा, जानें पूरी जानकारी
WhatsApp Group Join Now

Top Haryana: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2025 में बैंक डूबने की स्थिति में ग्राहकों को मिलने वाली राशि को लेकर एक नया नियम जारी किया है, जिसमें छोटे और बड़े बैंकों के लिए अलग-अलग प्रावधान रखे गए हैं। इस नए नियम का उद्देश्य बैंक की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना और ग्राहकों की जमा पूंजी की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

बैंक डूबने पर 5 लाख रुपये तक की सुरक्षा:
RBI के अनुसार, यदि किसी बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया जाता है या वह डूब जाता है, तो डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत ग्राहकों को 5 लाख रुपये तक की राशि वापस मिलती है। चाहे आपके खाते में इससे ज्यादा रकम जमा हो, आपको अधिकतम 5 लाख रुपये ही मिलेंगे।

DICGC का इंश्योरेंस:
DICGC, जो भारतीय रिजर्व बैंक के अधीन काम करता है, बैंकों के डूबने की स्थिति में ग्राहकों के जमा पैसों को सुरक्षित रखने के लिए काम करता है। यह इंश्योरेंस कवर सभी प्रकार के डिपॉजिट खातों (जैसे सेविंग्स अकाउंट, करेंट अकाउंट, एफडी, और रिकरिंग अकाउंट) पर लागू होता है। 2020 में, इस इंश्योरेंस कवर की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई थी।

पैसे मिलने की प्रक्रिया:
अगर किसी बैंक के डूबने के बाद आपके पैसे पर इंश्योरेंस कवर का दावा किया जाता है, तो यह राशि आपको 90 दिनों के अंदर मिल जाएगी। पहले 45 दिनों के भीतर इंश्योरेंस कोर्डिनेटर को सूचित किया जाता है, और उसके बाद बाकी की प्रक्रिया पूरी होती है।

क्या होता है बैंक डूबने के बाद:
बैंक डूबने का कारण अक्सर यह होता है कि बैंक की लायबिलिटी (देनदारी) उसकी एसेट्स (संपत्ति) से ज्यादा हो जाती है, या फिर बैंक की कमाई उसके खर्चों से कम होने लगती है। इसके बाद, जब लोग अपने पैसे निकालने के लिए दबाव डालते हैं, तो बैंक को अपनी निवेशित संपत्तियों को बेचकर संकट से उबरने की कोशिश करनी पड़ती है, लेकिन अगर बैंक नहीं उबर पाता तो उसे डूबा हुआ माना जाता है।

एफडी और अन्य डिपॉजिट्स:
अगर आपके पास बैंक में एफडी या अन्य डिपॉजिट्स हैं, तो उनकी कुल राशि (साथ में सेविंग्स अकाउंट या करेंट अकाउंट का बैलेंस) 5 लाख रुपये तक कवर की जाएगी। अगर ये राशि 5 लाख से अधिक है, तो आपको 5 लाख रुपये ही मिलेंगे, और बाकी राशि को खोने का जोखिम रहेगा।

क्या होगा अगर दो बैंकों के खातों में पैसा है?
अगर आपके पास दो अलग-अलग बैंकों में खाते हैं और दोनों बैंक डूब जाते हैं, तो आपको दोनों बैंकों से 5-5 लाख रुपये मिल सकते हैं।