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Private School Admission 2025: प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त पढ़ाई की सुविधा, सरकार का बड़ा ऐलान

Private School Admission: हाल ही में सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है जिसके तहत प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त पढ़ाई का अवसर प्रदान किया जाएगा। यह कदम विशेष रूप से गरीब और जरूरतमंद छात्रों के लिए लाभकारी होगा। सरकार ने इस फैसले को लागू करने के लिए प्राइवेट स्कूलों को कोई वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है...
 
Private School Admission 2025: प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त पढ़ाई की सुविधा, सरकार का बड़ा ऐलान
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Top Haryana: हरियाणा सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने के लिए 134ए नियम के तहत 1555 निजी स्कूलों को 33.545 करोड़ रुपये की फीस प्रतिपूर्ति राशि जारी की है। यह कदम राज्य में शिक्षा के स्तर को सुधारने और सामाजिक समानता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है..

क्या है 134A नियम?
134A नियम के तहत राज्य सरकार उन गरीब बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करती है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। यह योजना विशेष रूप से प्राइवेट स्कूलों में गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा देने के लिए है, ताकि वे भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें, जिनके पास महंगे स्कूलों में पढ़ाई करने की सामर्थ्य नहीं है।

मुफ्त शिक्षा के लाभ:
गरीब बच्चों के लिए शिक्षा का अवसर: इस निर्णय से गरीब परिवारों के बच्चे भी प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उनकी पढ़ाई में कोई रुकावट नहीं आएगी।

स्कूलों को वित्तीय सहायता: राज्य सरकार ने स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति राशि दी है, ताकि स्कूलों को छात्रों को मुफ्त शिक्षा देने में किसी भी प्रकार की वित्तीय कठिनाई का सामना न करना पड़े।

सामाजिक समानता को बढ़ावा: इस कदम से समान अवसर सुनिश्चित होंगे और समाज के हर वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा का अधिकार मिलेगा, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में समानता को बढ़ावा मिलेगा।

कितनी राशि जारी की गई?
राज्य सरकार ने 33.545 करोड़ रुपये की राशि जारी की है, जो कि उन 1555 निजी स्कूलों को दी जाएगी, जो 134A नियम के तहत गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। यह राशि स्कूलों को बच्चों की फीस की भरपाई के रूप में दी जाएगी।

इस फैसले के फायदे:
गरीब बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिलेगी, जो उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए अवसर प्रदान करेगी।
प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करने का खर्च सरकार द्वारा उठाए जाने से शिक्षा में समानता बढ़ेगी।
इस पहल से प्राइवेट स्कूलों को भी सरकारी सहायता मिलने से उनकी स्थिति मजबूत होगी और वे बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा सकेंगे।

नौवीं से बारहवीं कक्षा के लिए फीस प्रतिपूर्ति की मांग:
हालांकि नौवीं से बारहवीं कक्षा के छात्रों के लिए अभी तक सरकार ने कोई प्रतिपूर्ति राशि जारी नहीं की है। प्राइवेट स्कूल संघ ने सरकार से अपील की है कि नौवीं से बारहवीं कक्षा के छात्रों की फीस की प्रतिपूर्ति भी की जाए। इसके साथ ही, इन छात्रों के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने की भी मांग की गई है, ताकि फीस प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू हो सके।

सरकार को जल्दी उठाने होंगे कदम:
अगर सरकार ने नौवीं से बारहवीं कक्षा तक की फीस प्रतिपूर्ति जल्द नहीं की, तो कई निजी स्कूलों को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है, और वे निशुल्क शिक्षा देने में असमर्थ हो सकते हैं।
स्कूलों का कहना है कि यदि यह मुद्दा जल्दी हल नहीं होता, तो इससे उन्हें वित्तीय नुकसान हो सकता है।

134A योजना का भविष्य:
हरियाणा सरकार ने 134A योजना को जारी रखते हुए गरीब बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा की राह खोल दी है। हालांकि, योजना को पूरी तरह सफल बनाने के लिए सरकार को नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए फीस प्रतिपूर्ति राशि जारी करनी होगी।