Indian First Hydrogen Train Route: हरियाणा में शुरू होगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन लोगों को मिलेगा मोटा मुनाफा

TOP HARYANA: भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के सोनीपत से जींद के बीच चलेगी। यह ट्रेन 140 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से चलने में सक्षम होगी। इस ट्रेन की लंबाई 8 से 10 डिब्बों की होगी और यह 90 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। खास बात यह है कि इतनी दूरी तय करने के दौरान हाइड्रोजन ट्रेन से कोई प्रदूषण नहीं होगा जबकि डीजल ट्रेन इतनी दूरी में लगभग 964 किलो कार्बन का उत्सर्जन करती है।
हाइड्रोजन स्टोरेज के लिए रेलवे की तैयारी
हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन के लिए रेलवे ने जींद रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा हाइड्रोजन स्टोरेज प्लांट बनाने की योजना बनाई है। इस प्लांट में लगभग 3,000 किलो हाइड्रोजन स्टोर किया जा सकेगा। इसके अलावा, अंडरग्राउंड स्टोरेज भी बनाया जा रहा है ताकि हाइड्रोजन को सुरक्षित तरीके से रखा जा सके। रेलवे स्टेशन की छतों पर एकत्र किया गया पानी भी इस प्रक्रिया में उपयोग किया जाएगा। ट्रेन को ऑपरेट करने के लिए आधुनिक मशीनें मंगवाई गई हैं।
रेलवे की योजना के अनुसार, दिसंबर 2024 या जनवरी 2025 में हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल रन किया जाएगा। अगर ट्रायल सफल रहता है, तो इस वित्त वर्ष के अंत तक इसे नियमित रूप से चलाने की योजना बनाई गई है।
भारत दुनिया का पांचवां देश होगा जहां हाइड्रोजन ट्रेन चलेगी
अब तक हाइड्रोजन ट्रेन केवल स्वीडन, चीन, जर्मनी और फ्रांस में ही चल रही है। भारत दुनिया का पांचवां देश बनने जा रहा है, जहां यह ट्रेन शुरू होगी। इस ट्रेन के डिब्बे चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में बनाए जा रहे हैं।
हाइड्रोजन ट्रेन की खासियतें
यह ट्रेन 1 किलो हाइड्रोजन से उतना ही सफर कर सकती है, जितना 4.5 लीटर डीजल से संभव होता है।
ट्रेन में दो पावर प्लांट होंगे, जो कुल 2.4 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेंगे, जिससे ट्रेन को चलाने में मदद मिलेगी।
पहले चरण में दो हाइड्रोजन ट्रेनें चलाई जाएंगी।
अगले 3 साल में अन्य हेरिटेज मार्गों पर हाइड्रोजन ट्रेन
रेलवे की योजना है कि अगले तीन सालों में हाइड्रोजन ट्रेन को हेरिटेज और पर्वतीय रेल मार्गों पर भी शुरू किया जाए। इसमें शामिल प्रमुख रेल मार्ग हैं।
1. माथेरान हिल रेलवे
2. दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे
3. कालका-शिमला रेलवे
4. कांगड़ा घाटी रेलवे
5. नीलगिरि माउंटेन रेलवे
कुल मिलाकर रेलवे अगले तीन साल में 30 हाइड्रोजन ट्रेनें शुरू करने की योजना बना रहा है। यह कदम भारत को पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक रेल परिवहन की ओर ले जाएगा।