IITan BABA: IIT बाबा अभय के इंस्टा पर 6 हजार से 4 लाख हुए फाॅलोअर, बढ़ते फेम से परेशान हुए बाबा
IITan BABA: महाकुंभ में पहुंचे अभय सिंह बाबा आईआईटी मुंबई से पढ़े हैं। अभय परिवार और कैरियर सब कुछ छोड़कर अध्यात्म की दुनिया में चले गए जानें इनके बारें में...

TOP HARYANA: महाकुंभ में आईआईटीएन बाबा के रूप से चर्चित हुए अभय सिंह अब अपने फेम से खुद परेशान हैं। उनका कहना है कि यह फेम उनके लिए अब परेशानी बन गया है। पहले वह आसानी से बाहर घूम लेते थे, चाय पी लेते थे, लेकिन अब तो उनका बाहर निकला भी मुश्किल हो गया है। बाबा पहले किसी भी टेंट में जाकर सो जाते थे, लेकिन अब तो बाहर जाने से पहले सौ बार सोचना पड़ रहा है।
आईआईटीएन बाबा ने इंस्टाग्राम पर अपने फाॅलोअर के साथ में चैट की। इंस्ट्राग्राम पर अब आईआईटीएन बाबा के पिछले 4 दिनों में 6 हजार फाॅलोअर थे, जो अब बढ़कर 4 लाख से ज्यादा हो चुके हैं। फाॅलोअर के साथ बातचीत में अभय सिंह बाबा ने कहा कि सतयुग में माता सीता मर्यादा पुरुषोत्तम थीं।
जिस धनुष को राम ने तोड़ा था, उस धनुष को माता सीता बचपन में उठा लेती थीं। जब रावण सीता का हरण करके ले गया था, तब भी सीता माता मर्यादा में रहीं थी।
बात थोपने के खिलाफ भी कानून बने
अभय सिंह बाबा ने सोशल मीडिया पर कहा कि जैसे हमारें देश में हिंसा को लेकर कानून है, ठीक उसी प्रकार से मां-बाप द्वारा बच्चों पर अपनी बात थोपने के खिलाफ कानून होना चाहिए। मां-बाप को अपने बच्चों के ऊपर कुछ नहीं थोपना चाहिए।
अभय बाबा अपने पालन-पोषण के दौरान घरेलू हिंसा से बहुत प्रभावित रहे। अभय ने बच्चों के सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए कानून की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए एक पेपर भी लिखा था। अभय सिंह ने कहा कि वे बचपन से ही घर से भागना चाहते थे। इसी के चलते आईआईटी बॉम्बे में दाखिला लिया।
अभय बाबा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें बाबा कह रहे हैं कि मां–बाप भगवान नहीं हैं, उनको भी भगवान ने ही बनाया है। यह तो सतयुग का अध्याय है, जिसे लोग कलयुग में प्रयोग कर रहें है।
अभय सिंह के परिवार को आज भी घर वापिस आने की उम्मीद
अभय के पिता करण सिंह ग्रेवाल एडवोकेट है। उन्होने कहा कि उनका बेटा बहुत ही सीधा और सच्चा था और घरेलू जीवन छोड़ने का उसने जो भी कारण बताया, वह वास्तविक था। उन्होंने कहा कि पति और पत्नी के बीच मे मतभेद का होना हर घर में आम बात होती है। उन्होंने कहा कि अभय ने इन विवादों को कितनी गहराई से आत्मसात कर लिया है।
माता-पिता को इस घटना से सबक लेना चाहिए और अपने बच्चों की भलाई के लिए घर पर होने वाले विवादों को कम से कम करने का प्रयास करना चाहिए।