HSGMC Election: हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी चुनाव में झींडा गुट का दबदबा, बलजीत दादूवाल हारे..
HSGMC Election: कल हुए हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनावों में झींडा गुट का दबदबा रहा, जानें अब कैसे बनेगीं कमेंटी..

TOP HARYANA: हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के लिए चुनाव हरियाणा के सभी 22 जिलों को कुल 40 वार्डों में बांटा गया था। ईवीएम से हुए इन चुनावों में 164 प्रत्याशियों ने अपना भाग्य आजमाया था। देर शाम तक सारी सीटों का परिणाम जारी किया गया था। हरियाणा राज्य में पहली बार हुए हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गए।
चुनाव में सरदार जगदीश सिंह झींडा और निर्दलीय उम्मीदवारों का पूरा दबदबा रहा। अगर पंथक दलों की बात की जाएं तो सबसे अधिक झींडा गुट के 11, जबकि 22 निर्दलीयों ने जीत दर्ज की। इस चुनाव की मजेदार बात ये रही कि वर्तमान में एडहॉक कमेटी की कमान संभाल रहे सिख नेता बलजीत सिंह दादूवाल खुद चुनाव हार गए। कालांवाली से उनको 1771 वोटों से हार का सामना करना पड़ा।
सबसे ज्यादा कालांवाली में और कैथल में सबसे मतदान दर्ज किया गया। सरदार दीदार सिंह नलवी शाहाबाद से चुनाव जीत गए हैं, लेकिन उनकी जीत का अंतर महज 200 वोटों का ही रहा। हरियाणा सिख एकता दल ने 7 उम्मीदवारों को समर्थन दिया था, जिसमें से 3 ही जीते हैं। सिख समाज संस्था के 2 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है।
4 नेताओं की प्रतिष्ठा थी दांव पर
कमेटी के इन चुनावों में चार प्रमुख सिख नेताओं बलजीत सिंह दादूवाल, जगदीश झींडा, बलदेव सिंह कैमपुरा और दीदार सिंह नलवी इनकी प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी।
दादूवाल की टीम ने शिरोमणि अकाली दल आजाद के बैनर तले चुनाव लड़ा था, जगदीश सिंह झींडा ने पंथक दल के बैनर तले, बलदेव सिंह कैमपुरा ने हरियाणा सिख पंथक दल और दीदार सिंह नलवी ने सिख समाज संस्था के प्रत्याशियों के रूप में अपनी ताल ठोकी थी।
49 सदस्यों की चुनी जाएगी कमेटी
40 सदस्यों के चुनाव हो जाने के बाद अब सरकार की ओर से 9 सदस्यों को मनोनीत किया जाएगा। इस तरह से कुल 49 सदस्यों की एक कमेटी की गठन किया जाएगा। सभी 49 सदस्यों को हरियाणा के चुनाव आयुक्त गुरुद्वारा की ओर से शपथ दिलाई जाएगी।
शपथ लेने के बाद नें कमेटी इन सभी में से यह अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव सहित विभिन्न प्रकार के दाधिकारियों का चयन करेगी। चयन करने के बाद कमेटी अपना कार्यभार संभाल लेंगी।