Housing Scheme: इस सहर में घर पाने का सुनहरा अवसर, बन रहे है 5000 फ्लैट, जाने आखरी तारीख
Group Housing Scheme: सहर में घर होना हर किसी कस सपना है, इसी सपने को मद्दे नजर रखते हुए इस सहर में बन रहे है 5000 फ्लैट, जाने कैसे मिलेंगे...

Top Haryana News, Digital Desk: शहर में घर की तलाश कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है| ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आम लोगों के लिए ग्रुप हाउसिंग योजना के तहत तीन भूखंडों पर लगभग 5,000 फ्लैट बनाने की तैयारी की है| यह योजना न केवल रिहायश की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि मिडल क्लास फॅमिली को अपने सपनों का घर दिलाने की उम्मीद भी जगा रही है|
प्राधिकरण की ओर से इन भूखंडों के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है| इच्छुक आवेदक 4 जुलाई 2025 तक आवेदन कर सकते हैं| इसके बाद किसी भी प्रकार के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे| वहीं ग्रुप हाउसिंग योजना के लिए जरूरी दस्तावेजों को 10 जुलाई तक प्राधिकरण कार्यालय में जमा कराना अनिवार्य होगा| यह पूरी प्रक्रिया ई-नीलामी के माध्यम से की जाएगी, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और सभी को बराबरी का मौका मिल सके|
प्रस्तावित योजना के तहत जिन सेक्टरों में ये प्लॉट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, उनमें सेक्टर म्यू, अल्फा-2 और सिग्मा-3 शामिल हैं| सेक्टर सिग्मा-3 का प्लॉट सबसे बड़ा है, जिसकी कुल क्षेत्रफल लगभग 30,000 वर्गमीटर बताया जा रहा है| वहीं सेक्टर म्यू में 18,215 वर्गमीटर और अल्फा-2 में 3,999.80 वर्गमीटर का भूखंड है| इन स्थानों पर ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के माध्यम से बहुमंजिला आवासीय टावर विकसित किए जाएंगे|
आपको बता दें की ग्रुप हाउसिंग योजना में भाग लेने वालों को आवेदन के साथ सिक्योरिटी मनी और प्रोसेसिंग फीस भी जमा करनी होगी| यह राशि जुलाई के पहले हफ्ते तक स्वीकार की जाएगी| हालांकि ई-नीलामी की तारीख अभी तय नहीं की गई है, लेकिन ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का कहना है कि इसे जल्द घोषित किया जाएगा|
ग्रुप हाउसिंग योजना खास तौर पर उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है, जो लंबे समय से ग्रेटर नोएडा जैसे विकसित शहर में घर खरीदने का सपना देख रहे थे| बेहतर कनेक्टिविटी, सुविधाओं से युक्त लाइफस्टाइल और निरंतर विकासशील इन्फ्रास्ट्रक्चर के चलते ग्रेटर नोएडा अब महज एक रिहायशी क्षेत्र नहीं, बल्कि निवेश के लिहाज़ से भी अहम केंद्र बन गया है|
ग्रुप हाउसिंग योजना की पारदर्शी प्रक्रिया और ई-नीलामी के जरिये आवंटन से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योग्य और वास्तविक आवेदकों को लाभ मिल सके| फिलहाल, लोगों की नजरें प्राधिकरण की अगली घोषणा पर टिकी हैं, जो ई-नीलामी की तारीख और अन्य दिशानिर्देशों को लेकर होगी|