Haryana news: हरियाणा इस जिले में बाल विवाह से बची नाबालिग बच्ची, सतर्कता से रुकी शादी, जानें पूरा मामला

Top Haryana news: बुधवार को खेड़ा खेमावती गांव में एक नाबालिग लड़की की शादी होने वाली थी लेकिन बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय की टीम ने समय पर कार्रवाई कर उसे बालिका वधू बनने से बचा लिया। जैसे ही टीम को जानकारी मिली कि एक नाबालिग लड़की की शादी हो रही है तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की गई।
शिकायत मिलने पर की गई तुरंत कार्रवाई
बाल विवाह निषेध अधिकारी सुनीता को सूचना मिली थी कि खेड़ा खेमावती गांव में एक नाबालिग लड़की की शादी की जा रही है और बारात सोनीपत जिले के रामगढ़ गांव से आने वाली है। यह जानकारी मिलते ही अधिकारी सुनीता के साथ रवि लोहान, हवलदार ओमप्रकाश, महिला सिपाही रीतु, नीलम और प्रवीन की टीम तुरंत गांव पहुंची।
परिजनों ने पहले छिपाई सच्चाई
जब टीम ने लड़की के परिवार से उसकी उम्र के दस्तावेज मांगे, तो उन्होंने पहले टालमटोल किया और दावा किया कि लड़की बालिग है। लेकिन जब उन्हें कार्यालय बुलाया गया और कागज दिखाने को कहा गया, तो करीब तीन घंटे बाद जो दस्तावेज दिए गए, उनसे लड़की की उम्र केवल 16 साल पाई गई।
जानकारी की कमी के कारण हुई गलती
लड़की के परिजनों ने बताया कि वे अनपढ़ हैं और उन्हें कानून की जानकारी नहीं थी, इसलिए अनजाने में यह गलती कर बैठे। इस पर टीम ने उन्हें बाल विवाह से जुड़ा कानून समझाया और बताया कि नाबालिग की शादी करना अपराध है, जिसके लिए सजा हो सकती है।
परिवार को दी गई चेतावनी
अधिकारियों ने परिवार को सख्त चेतावनी दी कि यदि वे फिर से नाबालिग की शादी की कोशिश करते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह सुनकर परिजन मान गए और उन्होंने तुरंत शादी रोक दी।
परिजनों ने दिया लिखित आश्वासन
इसके बाद लड़की के परिजनों ने महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध विभाग को लिखित में आश्वासन दिया कि वे अब अपनी बेटी की शादी तभी करेंगे जब वह बालिग हो जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे अब कानून का पालन करेंगे।
सामाजिक जागरूकता की जरूरत
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि ग्रामीण इलाकों में अभी भी बाल विवाह को लेकर जागरूकता की कमी है। ऐसे मामलों में सरकारी अधिकारियों की सतर्कता से कई बच्चियों का जीवन बचाया जा सकता है। इस प्रकार की कार्यवाहियों से समाज में बाल विवाह के खिलाफ एक सशक्त संदेश जाता है।