Haryana news: हरियाणा में फर्जी BPL कार्ड धारकों पर सरकार सख्त, अब होगी कड़ी कार्रवाई

Top Haryana: हरियाणा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने फर्जी तरीके से BPL (गरीबी रेखा से नीचे) कार्ड बनवाने वालों को हटाने के लिए 20 अप्रैल 2025 तक का समय दिया था। सरकार ने कहा था कि जो लोग असली में गरीब नहीं हैं, वे खुद ही अपनी फैमिली आईडी में जानकारी सही करके BPL श्रेणी से बाहर हो जाएं लेकिन इसके उलट प्रदेश में BPL परिवारों की संख्या कम होने की बजाय और बढ़ गई है।
अप्रैल में 54 हजार BPL परिवार बढ़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 30 मार्च 2025 को हरियाणा में कुल 51 लाख 96 हजार 380 BPL परिवार थे लेकिन 30 अप्रैल 2025 तक इनकी संख्या बढ़कर 52 लाख 50 हजार 740 हो गई। यानी एक महीने में करीब 54 हजार नए BPL परिवार जुड़ गए। यह सरकार की चेतावनी के बिल्कुल उलट है।
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सबसे ज्यादा फरीदाबाद में बढ़े गरीब परिवार
इन एक महीने में सबसे ज्यादा BPL परिवार फरीदाबाद जिले में बढ़े हैं। यहां कुल 10 हजार 752 नए BPL परिवार जुड़े। इसके बाद हिसार में 3 हजार 445 और करनाल में 3 हजार 442 परिवारों का नाम BPL लिस्ट में जोड़ा गया है। वहीं चरखी दादरी में सबसे कम, सिर्फ 808 परिवारों का नाम जोड़ा गया है।
सरकार की चेतावनी का नहीं हुआ असर
हरियाणा सरकार ने पहले ही फर्जी BPL कार्ड रखने वालों को SMS और अन्य माध्यमों से चेतावनी दी थी। लोगों से कहा गया था कि वे 20 अप्रैल से पहले अपनी फैमिली ID में सही जानकारी दर्ज करें और अगर वे BPL के हकदार नहीं हैं, तो खुद को उस लिस्ट से बाहर कर लें। साथ ही यह भी कहा गया था कि अगर कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर BPL कार्ड बनाए हुए है, और खुद ही उसे नहीं हटवाता, तो उससे सरकारी लाभ की वसूली की जाएगी और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
अब होगी सख्त कार्रवाई
अब जब चेतावनी के बावजूद BPL परिवारों की संख्या में इजाफा हो गया है, तो सरकार ने फर्जी कार्ड धारकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। ऐसे सभी लोगों की पहचान की जा रही है जो झूठी जानकारी देकर गरीब बनने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि BPL कार्ड असली गरीबों को मदद देने के लिए है। लेकिन जब ऐसे लोग जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं, वे भी BPL कार्ड बनवाते हैं, तो असली जरूरतमंदों का हक मारा जाता है।