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Haryana news: हरियाणा सरकार ने HKRN कर्मचारियों को दी बड़ी राहत, सैलरी में फिर से बढ़ोतरी

Haryana news: HKRN कर्मचारियों को सीएम सैनी की सरकार ने बड़ा तौहफा देते हुए सैलरी में बढ़ोतरी का ऐलान किया है, आइए जानें पूरी खबर विस्तार से...
 
HKRN कर्मचारियों
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Top Haryana news: हरियाणा में काम कर रहे कच्चे कर्मचारियों के लिए एक बार फिर से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। हरियाणा सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत काम कर रहे कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है।

सरकार की तरफ से जारी लेटर में बताया गया है कि इन कर्मचारियों की सैलरी में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। यह नया वेतन 1 जून 2025 से लागू होगा। इस फैसले से राज्य भर में काम कर रहे करीब 1.18 लाख कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।

सरकार ने जारी किया ऑफिशियल आदेश

हरियाणा सरकार ने HKRN कर्मचारियों की सैलरी बढ़ोतरी को लेकर आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया है। लेटर में बताया गया है कि वित्त विभाग ने इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है।

इसके तहत मजदूरी दरों में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है जिससे संशोधित दर अब 50 रुपये हो गई है। यह संशोधन सभी विभागों में लागू होगा जहां-जहां HKRN के तहत कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं।

एक साल में दूसरी बार सैलरी में बढ़ोतरी

यह ध्यान देने वाली बात है कि यह सैलरी में दूसरी बार बढ़ोतरी है जो एक ही साल के भीतर की गई है। इससे पहले भी जून 2025 में HKRN कर्मचारियों की सैलरी में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी।

उस समय कर्मचारियों की सैलरी में करीब 900 रुपये से लेकर 1 हजार 200 रुपये तक की वृद्धि हुई थी। अब फिर से 5 प्रतिशत बढ़ोतरी होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी में और इजाफा होगा जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

कर्मचारियों में खुशी की लहर

हरियाणा सरकार के इस फैसले के बाद HKRN के तहत काम कर रहे कर्मचारियों में खुशी की लहर है। इन कर्मचारियों की लंबे समय से मांग थी कि उनकी सैलरी में बढ़ोतरी की जाए।

सरकार के इस कदम से कर्मचारियों को राहत मिलेगी और उनका मनोबल भी बढ़ेगा। इससे साफ है कि राज्य सरकार कर्मचारियों की जरूरतों और उनके हक को लेकर गंभीर है।

HKRN क्या है?

हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) एक सरकारी संस्था है जो राज्य में युवाओं को रोजगार देने का काम करती है। इसके तहत कच्चे या अनुबंध आधार पर कर्मचारी अलग-अलग विभागों में तैनात किए जाते हैं।

ये कर्मचारी शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, परिवहन, पंचायत जैसे विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे हैं। सरकार का यह फैसला इन कर्मचारियों को आर्थिक रूप से मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।