top haryana

Haryana News: सरकार ने हरियाणा राज्य के इस गाँव का बदला नाम,जानें  

Haryana News: हरियाणा राज्य से र्क बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसके तहत अब इस गांव का नाम बदल जाएगा, तो आइए जानते इसके बारें में विस्तार से...
 
सरकार ने हरियाणा राज्य के इस गाँव का बदला नाम,जानें
WhatsApp Group Join Now

TOP HARYANA: हरियाणा से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। जींद जिले के एक गांव का नाम बदल दिया गया है। यह गांव लंबे समय से नाम बदलने की मांग कर रहा था। अब सरकार ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है और इस गांव का नाम बदलकर चांदपुर कर दिया है। इस प्रक्रिया को पूरा होने में 20 साल का समय लगा है।

यह गांव पहले “चुहड़पुर” के नाम से जाना जाता था, लेकिन अब इसे “चांदपुर” के नाम से पुकारा जाएगा। यह गांव जींद और कैथल के बीच स्थित है और अब से सभी सरकारी और प्रशासनिक रिकॉर्ड में इस गांव का नाम “चांदपुर” अपडेट कर दिया गया है।

aa

गांव के लोग लंबे समय से इस नाम में बदलाव की मांग कर रहे थे, क्योंकि “चुहड़पुर” नाम लोगों को अटपटा लगता था। यह नाम गांव के इतिहास से जुड़ा हुआ था, लेकिन समय के साथ यह नाम लोगों को अब ठीक नहीं लग रहा था।

गांव के सरपंच राजेश नरवाल ने बताया कि उन्होंने बुजुर्गों से सुना है कि लगभग 200 साल पहले एक व्यक्ति जिसका नाम चुड़िया था, यहां आया था। वह बांगड़ गौत्र से था और उसने यहां अपना परिवार बसाया था। इसके बाद धीरे-धीरे और लोग भी यहां बसने लगे और यह एक गांव के रूप में विकसित हुआ। इस कारण इस गांव का नाम चुड़िया के नाम पर चुहड़पुर रखा गया था।

aa

गांव के पुराने नाम से जुड़े इस इतिहास को देखते हुए, गांव का नाम चुहड़पुर काफी समय तक बना रहा। लेकिन बाद में गांववासियों को यह नाम अटपटा लगने लगा और उन्होंने नाम बदलने की मांग शुरू की। यह प्रक्रिया बहुत लंबी चली और इसके लिए सरकार और प्रशासन से कई बार अनुरोध किया गया। आखिरकार, यह मुद्दा तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के समय में उठाया गया था, जिन्होंने इसका नाम बदलने का वादा किया था। लेकिन उनकी सरकार के बाद भी इस प्रक्रिया में समय लगता रहा और ओपी चौटाला के निधन के बाद यह काम अब जाकर पूरा हुआ है।

अब, गांव का नाम चांदपुर कर दिया गया है और यह बदलाव गांववासियों के लिए खुशी की बात है। सरकार और प्रशासन ने इसे सभी रिकॉर्ड्स में अपडेट कर दिया है, ताकि अब से इस गांव का नाम चांदपुर ही पुकारा जाए। यह कदम लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है और गांववासियों के लिए एक नई पहचान लेकर आया है। इस नाम परिवर्तन से यह भी स्पष्ट होता है कि प्रशासन और सरकार अब लोगों की भावनाओं का सम्मान करने के लिए तत्पर हैं।