Haryana news: हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, बीपीएल सूची से बाहर हुए लाखों परिवार

Top Haryana: हरियाणा सरकार ने गरीबों के लिए बीपीएल (Below Poverty Line) सूची में सख्त कार्रवाई की है। सरकार ने जांच के बाद लगभग 6 लाख 36 हजार परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर कर दिया है। मार्च 2023 में राज्य में बीपीएल परिवारों की संख्या 52 लाख 50 हजार 740 थी।
लेकिन 30 जून 2023 तक यह घटकर 46 लाख 14 हजार 674 हो गई है। इसका मतलब यह है कि इन परिवारों को अब बीपीएल श्रेणी के तहत मिलने वाली सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
बीपीएल परिवारों को मिलने वाली सुविधाएं
बीपीएल परिवारों को सरकार की ओर से कुछ विशेष सुविधाएं दी जाती हैं जैसे कि सस्ते दामों पर गेहूं, तेल, दाल, चीनी, और अन्य आवश्यक चीजें।
इसके अलावा बीपीएल धारकों को सरकारी योजनाओं का भी लाभ मिलता है। अब जिन परिवारों को सूची से बाहर किया गया है उन्हें ये सभी लाभ नहीं मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने की थी चेतावनी
मार्च में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने घोषणा की थी कि बीपीएल सूची में जिनका नाम गलत तरीके से दर्ज किया गया है उन्हें स्वयं अपनी जानकारी सही करनी होगी। उन्होंने कहा था कि यदि लोग अपने आय विवरण को ठीक नहीं करते हैं।
बाद में उन पर न केवल पिछली सारी सुविधाओं की वसूली की जाएगी। बल्कि कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। इसके बाद कई परिवारों ने अपनी जानकारी को सुधार लिया और अपने नाम बीपीएल सूची से हटा लिए।
बीपीएल सूची से बाहर होने के कारण
बीपीएल सूची से बाहर होने के बाद राज्य सरकार ने जांच के दौरान यह पाया कि कई परिवारों की आय सीमा से अधिक थी बिजली बिल तय सीमा से ज्यादा थे और कुछ के पास दोपहिया वाहन भी थे। इन कारणों से वे बीपीएल सूची से बाहर हो गए। सरकार ने यह कदम उठाकर बीपीएल सूची को सटीक और पारदर्शी बनाने की कोशिश की है।
विपक्ष ने किया हमला
बीपीएल परिवारों की संख्या में आई कमी को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा था। विपक्ष का कहना था कि सरकार गरीबों का हक छीन रही है और गरीबों की मदद करने के बजाय उन पर दबाव बना रही है। हालांकि सरकार का कहना है कि यह कदम उन लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए उठाया गया है जो सचमुच गरीब हैं और जिन्हें सरकार की मदद की जरूरत है।
आगे का रास्ता
बीपीएल सूची से बाहर हुए परिवारों को सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं का अब लाभ नहीं मिलेगा। लेकिन सरकार का कहना है कि यह कदम बीपीएल सूची को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है ताकि केवल असली गरीबों को ही इसका फायदा मिले।