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Fastag News: वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर, अब सफर करना हुआ ओर भी महंगा

Fastag New Rules: आप भी वाहन चालक है तो ये खबर आपके लिए बेहद ही काम की है, बता दें कि वाहन चालकों के लिए नए नियमों का ऐलान होने जा रहा है, जिसमें फास्टैग के भी कुछ नियम शामिल है, आइए जानते है नियमों के बारे में विस्तार से...

 
Fastag News: वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर, अब सफर करना हुआ ओर भी महंगा
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Top Haryana: इस महीने से फास्टैग के नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे है, अब हर वाहन मालिक को इन नियमों को पूरी तरह समझकर पालन करना होगा, नहीं तो भारी वित्तीय दंड का सामना करना पड़ सकता है। इस बदलाव से जुड़े नए दिशा-निर्देश हाईवे पर गाड़ी दौड़ाने  वाले लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इससे उनका सफर अब पहले से ज्यादा महंगा हो सकता है। 

कब होंगे नए नियम लागू

फास्टैग उपयोगकर्ताओं के लिए एक नया अपडेट आ गया है, महत्वपूर्ण संस्था नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने टोल भुगतान प्रक्रिया को और अधिक साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाने के लिए नए नियमों की घोषणा की है। 17 फरवरी 2025 से लागू होंगे यह नए नियम, धोखाधड़ी को रोकना और ट्रांजैक्शन को बेहतर बनाना इन ननियमों का लक्ष्य है। 

FASTag बैलेंस वेरिफिकेशन

कुछ दिनों पहले नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की ओर से फास्टैग ट्रांजैक्शन के लिए एक खास समय सीमा तय करने का ऐलान किया गया था। अब हर लेन-देन को एक निर्धारित समय के अंदर ही मान्यता प्राप्त होगी, इस बदलाव के तहत 2 महत्वपूर्ण समय सीमाओं को लागू किया गया है।

जो ट्रांजैक्शन को प्रभावी बनाए रखने में मदद करेंगे, इस कदम का उद्देश्य प्रक्रिया को और अधिक सुधार और व्यवस्थित बनाना है, ताकि हर वाहन मालिक के लिए टोल भुगतान अधिक सरल और परेशानी मुक्त हो सके।

फास्टैग ट्रांजैक्शन से जुड़े नियम

60 मिनट पहले FASTag को ब्लैकलिस्ट किया गया है या बैलेंस कम होने के कारण अनएक्टिव कर दिया गया है और यह स्थिति 60 मिनट से अधिक बनी रहती है तो टोल प्लाजा पर पहुंचने पर ट्रांजैक्शन फेल हो जाएगा। इस स्थिति में ट्रांजैक्शन को मंजूरी नहीं मिलेगी, जिससे वाहन मालिक को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

अगर फास्टैग को स्कैन किए जाने के 10 मिनट बाद भी ब्लैक लिस्टेड या अनएक्टिव यानी अवरुद्ध या निष्क्रिय स्थिति में रखा जाता है तो भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे में वाहन मालिक को ट्रांजैक्शन अस्वीकार होने की संभावना रहेगी, अगर फास्टैग दोनों शर्तों को पूरा करता है, तो सिस्टम ट्रांजैक्शन को एरर कोड 176 के साथ अस्वीकृत करेगा, इसके परिणामस्वरूप वाहन मालिक को दोगुना टोल शुल्क चुकाना होगा।

नए नियमों का वाहन चालकों पर असर

फास्टैग खातों को 2 श्रेणियों में बांटा गया है, एक व्हाइटलिस्ट सक्रिय और दूसरा ब्लैक लिस्ट निष्क्रिय, किसी भी फास्टैग को निष्क्रिय करने के कई कारण हो सकते है। इसके परिणामस्वरूप, वाहन मालिक को टोल भुगतान में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए इस स्थिति से बचने के लिए फास्टैग नियमों की नियमित निगरानी और इनसे अपडेट रहना जरूरी है।