Dera Sacha Sauda: डेरा सच्चा सौदा की शुरुआत कैसे हुई, गुरमीत राम रहीम इसके तीसरे प्रमुख क्यों बनें, जानें इसके पीछे की असली सच्चाई

TOP HARYANA: हरियाणा के सिरसा में स्थित डेरा सच्चा सौदा एक धार्मिक संगठन है, जिसकी स्थापना 29 अप्रैल 1948 को संत शाह मस्ताना महाराज ने की थी। यह संस्था समाज सेवा और आध्यात्मिकता के लिए जानी जाती है। हाल ही में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को फिर से पैरोल मिली है, और वे इन दिनों सिरसा डेरे में सत्संग और अन्य सेवा कार्य कर रहे हैं।
कैसे शुरू हुआ डेरा सच्चा सौदा
डेरा सच्चा सौदा की शुरुआत संत शाह मस्ताना महाराज ने की थी। ऐसा कहा जाता है कि उन्हें उनके गुरु ने इस आश्रम को स्थापित करने का आदेश दिया था। पहले इस आश्रम का नाम कुछ और था, लेकिन बाद में इसे “डेरा सच्चा सौदा” कहा जाने लगा। इस डेरे का मुख्य उद्देश्य समाज में भलाई के कार्य करना और लोगों को आध्यात्मिक मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना था।
डेरे के प्रमुख कौन-कौन रहे
डेरा सच्चा सौदा में अब तक तीन प्रमुख रह चुके हैं।
पहले प्रमुख - शाह मस्ताना महाराज
डेरा सच्चा सौदा की स्थापना के बाद, शाह मस्ताना महाराज इसके पहले गुरु बने और उन्होंने लोगों को सेवा और आध्यात्मिकता का संदेश दिया।
दूसरे प्रमुख - सतनाम महाराज
शाह मस्ताना महाराज के बाद, साल 1960 में उन्होंने सतनाम महाराज को डेरा का अगला प्रमुख घोषित किया।
तीसरे प्रमुख - गुरमीत राम रहीम
कहा जाता है कि शाह मस्ताना ने भविष्यवाणी की थी कि सात साल बाद डेरा का तीसरा प्रमुख आएगा। 13 अगस्त 1967 को गुरमीत राम रहीम का जन्म हुआ। 1990 में सतनाम महाराज ने गुरमीत राम रहीम को डेरा की गद्दी सौंप दी। इस मौके पर एक बड़ा सत्संग भी आयोजित किया गया था।
करोड़ों में अनुयायी कैसे बने
डेरा सच्चा सौदा पिछले 77 सालों से समाज सेवा और धार्मिक कार्यों में सक्रिय है। धीरे-धीरे इस डेरे का विस्तार देश और विदेशों में भी हुआ। वर्तमान में डेरा के अमेरिका, कनाडा, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त अरब अमीरात सहित कई देशों में आश्रम हैं।
आज डेरा सच्चा सौदा के करीब 7 करोड़ (68 मिलियन) से ज्यादा अनुयायी बताए जाते हैं। इन अनुयायियों में हिंदू, मुस्लिम, सिख और अन्य धर्मों के लोग भी शामिल हैं।
डेरा सच्चा सौदा की खास बातें
- यह संस्था हर जाति, धर्म और वर्ग के लोगों का स्वागत करती है।
- सभी को समान रूप से आध्यात्मिक शिक्षा दी जाती है।
- डेरा सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता है, जैसे – रक्तदान, सफाई अभियान, गरीबों की मदद, प्राकृतिक आपदाओं में सहायता आदि।
- अनुयायी मानते हैं कि डेरा में भेदभाव नहीं होता और सभी को समान रूप से प्रेम और सम्मान दिया जाता है।
डेरा सच्चा सौदा एक धार्मिक और सामाजिक संस्था है, जिसकी जड़ें आध्यात्मिकता और समाज सेवा में हैं। समय के साथ इसके अनुयायियों की संख्या बढ़ी और आज यह एक बड़े संगठन के रूप में जाना जाता है। डेरा और इसके प्रमुख गुरमीत राम रहीम को लेकर कई विवाद भी रहे हैं, लेकिन इसके अनुयायी इसे एक आध्यात्मिक संस्था के रूप में देखते हैं और इसके माध्यम से समाज सेवा के कार्यों में जुड़ते हैं।