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Delhi AIIMS: कैंसर मरीजों को बड़ी राहत, लगेगी नई अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन 

Delhi AIIMS: क्यों लगाई जाने वाली है यह नई अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन और देश में किस जगह पर लगाई जा रही है, नई मशीन लगने से क्षमता डेढ़ गुना बढ़ जाएगी। 

 
Delhi AIIMS
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TOP HARYANA: एम्स में नई अत्याधुनिक डिजिटल पोजीट्रान एमिशन टोमोग्राफी-सीटी स्कैन मशीन लगेगी, यह मशीन खरीदने के लिए एम्स ने प्रक्रिया शुरू कर दी है, सब कुछ योजना के अनुरूप हुआ तो अक्टूबर तक एम्स में यह मशीन लग जाएगी। इससे एम्स में पेट सीटी स्कैन की जांच क्षमता डेढ़ गुना बढ़ जाएगी,  न्यूरो व हृदय रोग के मरीजों की जांच में भी यह तकनीक इस्तेमाल होती है लेकिन नई मशीन आने से कैंसर मरीजों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी।

साल में आते है लाखों मरीज 

एम्स के कैंसर सेंटर की OPD में वर्ष भर में करीब 1 लाख 75 हजार मरीज पहुंचते है, जिसमें से करीब 14 हजार 500 नए मरीज व बाकी पुराने मरीज शामिल होते है। फिर भी मौजूदा समय में एम्स के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में दो पेट-सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध है, जिससे प्रतिदिन 60 मरीजों की जांच करने की क्षमता है।

कैंसर मरीजों का दबाव अधिक

बताया गया कि एक मशीन अपनी उम्र पूरी कर चुकी है और वह 14 वर्ष पुरानी हो चुकी है, दूसरी मशीन भी करीब दस वर्ष पुरानी हो गई है, पहली मशीन अधिक पुरानी होने के कारण उसमें खराबी की समस्या अधिक रहती है। एम्स में कैंसर मरीजों का दबाव अधिक है, ऐसे में पेट सीटी स्कैन जांच के लिए करीब 2 माह तक की वेटिंग है, एम्स में हर वर्ष 8 हजार 500 से लेकर 9 हजार मरीजों की पेट सीटी स्कैन जांच हो पाती है।

पेट सीटी स्कैन जांच का शुल्क 

बहुत सारे मरीज निजी लैब में महंगा शुल्क भुगतान कर जांच कराने को मजबूर होते है, निजी डायग्नोस्टिक लैब में पूरे शरीर की पेट सीटी स्कैन जांच का शुल्क 18 हजार से लेकर 24 हजार रुपये है। कैंसर के मरीजों को हर 3 से 6 महीनों पर यह जांच करानी पड़ती है, इस वजह से हर मरीज के लिए निजी लैब के जांच शुल्क का खर्च उठा पाना संभव नहीं होता, दूसरी ओर सरकारी क्षेत्र के अस्पतालों में इस सुविधाओं का अभाव है।

इस जांच का शुल्क 

दिल्ली में सरकारी क्षेत्र के सिर्फ 5 अस्पतालों पेट सीटी स्कैन उपलब्ध है, जिसमें एम्स के अलावा दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान, आइएलबीएस, आर्मी अस्पताल और इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन ऐंड एलाइड साइंसेज शामिल है। आइएलबीएस में इस जांच का शुल्क 16 हजार 500 रुपये है, आर्मी अस्पताल में सामान्य नागरिकों का इलाज नहीं होता है।

दिल्ली सरकार के दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान में न्यूक्लियर मेडिसिन के डॉक्टर नहीं होने के कारण पेट-सीटी स्कैन मशीन कई वर्षों से बंद पड़ी हुई है, ऐसे में सरकारी अस्पतालों में इस जांच के विकल्प सीमित है।

जांच में वेटिंग समस्या बनी 

एम्स में पहली बार पूरे शरीर की पेट सीटी स्कैन जांच के लिए 7 हजार 500 रुपये शुल्क निर्धारित है, बाद में फालोअप जांच के लिए 4 हजार रुपये भुगतान करना होता है लेकिन एक मशीन पुरानी होने व जांच में वेटिंग समस्या बनी हुई है। इसके मद्देनजर एम्स ने 28 करोड़ की लागत से नई डिजिटल पेट-सीटी स्कैन मशीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू की है।