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Car Tyre Pressure: टायर का कितना होना चाहिए एयर प्रेशर, अधिक हवा भरने की ना करें यह गलती 

Car Tyre Pressure: कार के टायर में सही मात्रा में एयर प्रेशर होना चाहिए, किस प्रकार से कार के टायर का एयर प्रेशर सही रख सकते है, ज्यादा और कम एयर प्रेशर होने पर काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

 
Car Tyre Pressure: टायर का कितना होना चाहिए एयर प्रेशर, अधिक हवा भरने की ना करें यह गलती 
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Top Haryana: कार के टायर में एयर प्रेशर का सही होना गाड़ी की सेफ्टी और उसकी लंबी उम्र के लिए काफी जरूरी होता है, टायर में एयर प्रेशर सही नहीं होता है तो यह गाड़ी के परफॉर्मेंस पर बुरा असर डालता है। टायरों में सही हवा नहीं होने पर वह जल्दी खराब हो जाते है, इसलिए कार के टायर में सही मात्रा में एयर प्रेशर का होना जरूरी है।  

सही टायर प्रेशर

कार के टायर में एयर प्रेशर उसकी स्पीड, फ्यूल एफिशिएंसी, ड्राइविंग एक्सपीरिएंस और सेफ्टी पर सीधा असर पड़ता है, टायर में कम या अधिक प्रेशर हो तो इससे उसका घिसाव असमान हो सकता है, जिसकी वजह से टायर जल्दी खराब हो सकते है। सही टायर प्रेशर नहीं होने पर ब्रेकिंग और स्टिरिंग पर भी असर पड़ता है, जिसकी वजह से सड़क पर संतुलन बनाए रखने में समस्या होती है।

कितना होना चाहिए एयर प्रेशर

हर कार निर्माता अपनी मॉडल के टायर के लिए सही एयर प्रेशर के बारे में मैनुअल बुक में बताते है, उसमें बताया जाता है कि किस टायर में कितनी हवा होनी चाहिए। सामान्य कार के टायर में एक सही एयर प्रेशर 30 से 35 PSI के बीच होना चाहिए लेकिन यह कार के मॉडल और ऑटोमेकर के अनुसार बदल सकता है। कुछ स्पोर्ट्स कार में यह एयर प्रेशर ज्यादा तो कुछ हल्की गाड़ियों में यह कम हो सकता है।

टायर प्रेशर को सही रखें

  • कार के टायर में एयर प्रेशर को महीने में एक बार जरूर जांच करवाना चाहिए, यह जरूर सुनिश्चित करें कि टायर ठंडे हों जब आप प्रेशर चेक करें  क्योंकि गर्म टायरों का प्रेशर ज्यादा हो सकता है।
  • कई गाड़ियों में टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम दिया गया होता है, जो टायर प्रेशर को लगातार ट्रैक करता है, यह एयर प्रेशर कम होने पर चेतावनी भी देता है।
  • फ्यूल भरवाने के लिए फ्यूल स्टेशन जाते है तो वहां पर एयर प्रेशर को फ्री में चेक करवा सकते है, आप टायर प्रेशर गेज का इस्तेमाल करके भी एयर प्रेशर को चेक कर सकते है।

एयर प्रेशर से होने वाले नुकसान

कम एयर प्रेशर: टायर में एयर प्रेशर कम होता है तो टचिंग सरफेस का क्षेत्र बढ़ जाएगा, जिसकी वजह से टायर का घिसाव अधिक तेजी से होता है। टायर के गर्म होने की संभावना भी बढ़ जाती है, जिसकी वजह से टायर पंचर भी हो सकता है, कम एयर प्रेशर होने पर कार कम माइलेज दे सकती है।

ज्यादा एयर प्रेशर: कार के टायर में ज्यादा एयर प्रेशर होने पर उसकी पकड़ सड़क पर अच्छे से नही बनती है, टायर का बीच का भाग ज्यादा घिसेगा और गाड़ी की राइडिंग सॉफ्टनेस कम होती है।