Toll Tax Breaking News: खुद का सॉफ्टवेयर लगा किया कई करोड़ों का घोटाला, राजस्थान समेत इतने राज्य शामिल, जानें पूरा मामला

Toll tax fraud: टोल टैक्स से जुड़ी एक बड़ी घटना सामने आई है, बता दें कि एसटीएफ (STF) ने लखनऊ इकाई के तहत 42 टोल प्लाजा से टैक्स वसूलने में 120 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा किया, आइए जानते है आखिरकार पूरा मामला, बने रहे खबर में अंत तक...
 

Top Haryana: एसटीएफ ने जिस तरह से टोल प्लाजा में हो रही धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है, वह सरकारी धन की बर्बादी और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। यह न केवल NHAI के सिस्टम की कमजोरी को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह से कुछ लोग अपनी गलत गतिविधियों से देश के हर कोने में लाखों-करोड़ों की चोरी कर सकते हैं।

आलोक सिंह और उनके साथियों ने जिस तरह से टोल प्लाजा के सॉफ्टवेयर को हैक करके फास्टैग के बिना गुजरने वाले वाहनों से अवैध रूप से टोल वसूला, वह एक बहुत ही गंभीर मामला है। इस तरह की धोखाधड़ी से सरकार को बड़ा नुकसान हो सकता है, और देश भर में ऐसे घोटालों के लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र की जरूरत है।

एसटीएफ ने अब तक 42 टोल प्लाजा से जुड़े इस नेटवर्क को पकड़ लिया है, और अन्य स्थानों की जांच जारी है। इसके अलावा, यह बात भी सामने आई है कि इस सॉफ्टवेयर के जरिए हर दिन लाखों रुपये की अवैध वसूली की जा रही थी, और यह पैसे टोल प्लाजा मालिकों और कर्मचारियों के बीच बांटे जाते थे। इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 

इनमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र राजस्थान, छत्तीसगढ़, असम, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, गुजरात, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल शामिल है। यूपी की बात करें तो आजमगढ़, प्रयागराज, बागपत, बरेली शामली मिर्जापुर और गोरखपुर शामिल हैं।