Today kisaan news: डल्लेवाल के समर्थन में आज होगा बड़ा ऐलान 

Today kisaan news: सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने डल्लेवाल की हालत स्थिर बताई। हालांकि, इससे पहले उन्होंने कहा था कि उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है। इस विषय पर आगे के घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। जानें...
 

Top Haryana: शंभू बॉर्डर पर आज होने वाले बड़े ऐलान को लेकर माहौल गर्म है। डल्लेवाल के आमरण अनशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई।

सुप्रीम कोर्ट का यह निर्देश महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दिखाता है कि डल्लेवाल की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। कोर्ट ने पंजाब सरकार से उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट्स पेश करने को कहा है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। साथ ही, एम्स से विशेषज्ञ राय लेने का सुझाव यह सुनिश्चित करता है कि मामले में निष्पक्ष और विशेषज्ञ दृष्टिकोण शामिल हो।

डल्लेवाल व किसानों की यह सक्रियता इस बात को दिखाती है कि किसानों के मुद्दों को लेकर अभी भी गंभीर प्रयास हो रहे हैं। एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की गारंटी और अन्य मांगें किसानों के अधिकार और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

 डल्लेवाल की चिट्ठियां: प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और धर्मगुरुओं को पत्र लिखकर उन्होंने सरकार पर दबाव बनाया है कि उनकी मांगों को पूरा किया जाए।

शंभू बॉर्डर पर बड़ा ऐलान: सरवन सिंह पंधेर का ऐलान किसान आंदोलन के अगले चरण को दिशा देने में अहम होगा।

एसकेएम बैठक: 18 जनवरी को होने वाली बैठक में आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।

26 जनवरी ट्रैक्टर मार्च: देशव्यापी मार्च सरकार के प्रति किसानों की नाराजगी को उजागर करेगा और यह संदेश देगा कि उनकी मांगें अब भी अनदेखी नहीं की जा सकतीं।

हर रोज हरियाणा से किसानों का समर्थन यह दिखाता है कि आंदोलन को जमीनी स्तर पर मजबूत समर्थन मिल रहा है। यह स्थिति सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

पंजाब और हरियाणा के खनौरी बॉर्डर पर किसानों का संघर्ष लगातार तेज़ हो रहा है। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का 52 दिनों से आमरण अनशन जारी रहना उनके आंदोलन की गंभीरता को दर्शाता है। उनकी बिगड़ती तबीयत ने आंदोलनकारियों और प्रशासन दोनों के लिए चिंता बढ़ा दी है। वहीं, उनके समर्थन में 111 अन्य लोगों द्वारा शुरू किया गया आमरण अनशन भी किसानों के जज्बे को दर्शाता है।

शंभू बॉर्डर पर किसान नेता सवरन सिंह पंधेर के आज दोपहर 12 बजे बड़े ऐलान की संभावना है, जो आंदोलन की दिशा और गति को प्रभावित कर सकता है। किसानों ने गांव-गांव से ट्रैक्टर ट्रॉली लाने की अपील की है, जो बड़े स्तर पर जुटान की ओर इशारा करती है।

पुलिस की सतर्कता और अलर्ट मोड पर रहना यह दिखाता है कि प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आंदोलन किस ओर बढ़ता है और प्रशासन व किसानों के बीच कोई संवाद स्थापित होता है या नहीं।

बोलने में भी दिक्कत

जगजीत सिंह डल्लेवाल की बिगड़ती सेहत ने आंदोलन को और भी गंभीर बना दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी स्थिति बेहद नाजुक है। बोलने में दिक्कत और शरीर के खुद को क्षति पहुंचाने जैसी स्थिति स्पष्ट रूप से आमरण अनशन के दुष्प्रभावों को दर्शाती है। उनका रक्तचाप (बीपी) अस्थिर है, जो उनकी जान के लिए खतरा बन सकता है।

डल्लेवाल ने साफ कर दिया है कि जब तक केंद्र सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती, तब तक वह किसी भी इलाज के लिए तैयार नहीं हैं। यह उनकी दृढ़ता और आंदोलन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दिखाता है।

सरकार ने मोर्चे के पास एक अस्थायी अस्पताल स्थापित किया है और 50 डॉक्टरों की टीम तैनात की है, जो कि आंदोलनकारियों की स्थिति पर नजर रख रही है। इसके अलावा, निजी संस्थानों के डॉक्टर भी उनकी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और किसानों के बीच संवाद का कोई रास्ता निकलता है या नहीं, क्योंकि डल्लेवाल की सेहत का लगातार बिगड़ना आंदोलन को और तनावपूर्ण बना सकता है।