RBI News: RBI की बड़ी अपडेट,आपका भी है इन बैंको में पैसा तो रहेगा सुरक्षित जानें

RBI New Update: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) बैंक डूबने की स्थिति में ग्राहकों को उनके जमा धन पर बीमा सुरक्षा प्रदान करती है,जानें...
 

Top Haryana: बैंक में पैसा जमा करते समय उसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। भारत में कुछ ऐसे बैंक हैं जो मजबूत वित्तीय स्थिति, सरकारी स्वामित्व और नियामक निगरानी के कारण अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाते हैं। 

1. बीमा सीमा

पहले यह बीमा सीमा 1 लाख रुपये थी, जिसे फरवरी 2020 में बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया।

यह सीमा जमा राशि के कुल मूल्य और ब्याज को मिलाकर होती है।

2. कवर किए जाने वाले बैंक

सभी वाणिज्यिक बैंक (प्राइवेट, सार्वजनिक क्षेत्र और विदेशी बैंक)।

सहकारी बैंक (राज्य और शहरी दोनों)।

क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक।

3. प्रीमियम का भुगतान

बीमा प्रीमियम का भुगतान बैंकों द्वारा किया जाता है, न कि ग्राहकों द्वारा।

4. बीमा सुरक्षा

यदि किसी बैंक का संचालन बंद हो जाता है या वह डूब जाता है, तो प्रत्येक जमाकर्ता को अधिकतम 5 लाख रुपये की बीमा राशि (मुख्य राशि और ब्याज सहित) दी जाती है, भले ही उनकी जमा राशि इससे अधिक हो। इस पहल का उद्देश्य ग्राहकों की जमाराशि को सुरक्षित रखना और वित्तीय प्रणाली में विश्वास बढ़ाना है

भारतीय बैंकिंग प्रणाली वैश्विक मानकों की तुलना में मजबूत मानी जाती है, खासकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की सख्त निगरानी और नियामक संरचना के कारण। भारत में कुछ बैंक ऐसे हैं, जिन्हें सरकार और RBI  मानते हैं, यानी ये बैंक इतने महत्वपूर्ण हैं कि सरकार उन्हें कभी डूबने नहीं देगी।

भारत के सबसे सुरक्षित बैंक

1. भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India - SBI)  भारत का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक। देश की आर्थिक प्रणाली का बड़ा हिस्सा इस बैंक पर निर्भर है।

भारत का सबसे बड़ा बैंकिंग नेटवर्क। इसकी परिसंपत्तियां और वित्तीय स्थिति मजबूत हैं। सरकार SBI को कभी विफल नहीं होने देगी, क्योंकि यह भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।

2. एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) यह भारत के सबसे सुरक्षित निजी बैंकों में से एक है। एचडीएफसी बैंक भारत की बैंकिंग प्रणाली का एक अभिन्न हिस्सा बन गया है, और इसकी विफलता लगभग असंभव है।

3. आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) दूसरा सबसे बड़ा निजी बैंक मजबूत बैलेंस शीट और एनपीए (Non-Performing Assets) नियंत्रण में। नवीनतम तकनीकों और सेवाओं में अग्रणी। आईसीआईसीआई बैंक की वित्तीय स्थिति और ब्रांड वैल्यू इसे एक सुरक्षित बैंक बनाती है।

भारतीय रिजर्व बैंक और भारत सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि देश के कुछ बड़े बैंक इतने महत्वपूर्ण हैं कि उनकी विफलता अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए, SBI, HDFC, और ICICI जैसे बैंक पूरी तरह सुरक्षित माने जाते हैं।

SBI जैसे सार्वजनिक बैंक सरकार की प्रत्यक्ष गारंटी के साथ काम करते हैं। HDFC और ICICI जैसे निजी बैंक अपनी मजबूत वित्तीय स्थिति और क्रेडिट रेटिंग के कारण सुरक्षित हैं।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), आईसीआईसीआई बैंक, और एचडीएफसी बैंक को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा D-SIB (Domestic Systemically Important Banks) का दर्जा दिया गया है।

D-SIB का अर्थ और महत्व

डोमेस्टिक सिस्टमिकली इम्पोर्टेंट बैंक (D-SIB) का मतलब ऐसे बैंक हैं जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

इन बैंकों का आकार, उनके पास मौजूद परिसंपत्तियां, और अर्थव्यवस्था में उनकी भूमिका इतनी बड़ी है कि अगर वे विफल होते हैं, तो इसका पूरे वित्तीय सिस्टम और अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।

D-SIB बैंकों का डूबना क्यों असंभव है

इन बैंकों के डूबने से लाखों ग्राहकों, करोड़ों जमा खातों, और व्यापारिक लेन-देन पर असर पड़ेगा। इनके डूबने से भारत की वित्तीय स्थिरता और वैश्विक निवेशकों का भरोसा कमजोर हो सकता है। सरकार और RBI ऐसे बैंकों को वित्तीय संकट से बचाने के लिए हर संभव कदम उठाते हैं।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, और एचडीएफसी बैंक भारत के D-SIB बैंक हैं। इन बैंकों में पैसा रखना बेहद सुरक्षित है, क्योंकि सरकार और RBI इन्हें कभी विफल नहीं होने देंगे। यह दर्जा न केवल ग्राहकों के लिए विश्वास का प्रतीक है, बल्कि भारत की बैंकिंग प्रणाली की स्थिरता को भी दर्शाता है।