Nayab Singh Saini: नायब सिंह सैनी ने महिलाओं को 2100 रुपए देने पर कहीं ये बात, जानें अपडेट

Haryana CM: हरियाणा में लाडो लक्ष्मी योजना को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक अहम अपडेट दिया है। उन्होंने कैबिनेट मीटिंग के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बजट के बाद इस योजना को लागू किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भा.ज.पा. ने जो भी वादे अपने चुनाव घोषणापत्र में किए थे, उन वादों को पूरा करेंगे, आइए जानते है पूरी अपडेट खबर में...
 

Top Haryana: मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि लाडो लक्ष्मी योजना के लागू करने की पूरी योजना तैयार कर ली गई है और इसे जल्द ही लागू किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य हरियाणा में लड़कियों के जन्म को बढ़ावा देना और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। 

यह योजना गरीब और कमजोर वर्ग के परिवारों को लक्षित करेगी, ताकि वे अपनी बेटियों के भविष्य को सुनिश्चित कर सकें। इस योजना के लागू होने से हरियाणा में महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा मिलेगी, और लड़कियों के लिए सरकार की ओर से वित्तीय सुरक्षा प्रदान की जाएगी...

मुख्यमंत्री के बयान के कुछ अहम बातें:

लाडो लक्ष्मी योजना के लिए बजट प्रावधान:

मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी बजट सत्र में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए बजट में प्रावधान किया जाएगा, ताकि इस योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।
संकल्प पत्र के वादे:

सीएम ने यह भी कहा कि मौजूदा सरकार को 100 दिन हो चुके हैं और इस समय में उन्होंने संकल्प पत्र में किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए योजनाएं बनाई हैं।
भा.ज.पा. का चुनावी वादा:

अक्टूबर 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले भा.ज.पा. ने महिलाओं को 2100 रुपये मासिक आर्थिक सहायता देने का वादा किया था। इस वादे के अनुसार, लाडो लक्ष्मी योजना के तहत हर महीने महिलाओं को 2100 रुपये मिलेंगे, जो उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेंगे।
तीसरी बार सत्ता में वापसी:

भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटी है, और इस योजना के जरिए सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी।

लाडो लक्ष्मी योजना के उद्देश्य:
इस योजना का मुख्य उद्देश्य हरियाणा में लड़कियों के जन्म को बढ़ावा देना और उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। योजना का फायदा गरीब और कमजोर वर्ग के परिवारों को मिलेगा, ताकि वे अपनी बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी संसाधन जुटा सकें।