Mahakumbh IIT Baba: महाकुंभ में मिले IIT बाबा, मोह जिंदगी से साधु बनने की रोचक कहानी 

Mahakumbh IIT Baba: महाकुंभ के मेले में इस बार एक नया नाम सुर्खियों में है IITian बाबा के नाम से प्रसिद्ध अभय सिंह। उनका नाम इसलिए चर्चा में है क्योंकि उन्होंने अपनी एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मिली करोड़ों की नौकरी को छोड़कर संन्यासी जीवन अपनाया है, आइए जानते है इसके पीछे का कारण...

 

Top Haryana: अभय सिंह ने IIT (Indian Institute of Technology) से अपनी एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की थी और इसके बाद उन्होंने एक लाभकारी करियर शुरू किया। लेकिन, एक समय ऐसा आया जब उन्होंने अपनी सभी सांसारिक इच्छाओं और भौतिक सुखों को छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने समाज में शांति और आत्मिक शांति की तलाश में संन्यास लेने का निर्णय लिया, और इस दौरान वे महाकुंभ में अपने अनुभवों और ज्ञान को लोगों तक पहुंचा रहे हैं।

अभय सिंह का कहना है कि, "आध्यात्मिकता के रास्ते पर चलने से पहले वे खुद को एक साधारण इंसान के रूप में देखना चाहते थे, और अब वे अपना जीवन एक संत की तरह बिताना चाहते हैं।" उनका यह कदम उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो जीवन में कुछ अलग और संतुष्टिपूर्ण अनुभव की तलाश में हैं।

महाकुंभ में उनके साथ बिताए गए कुछ समय में उन्होंने जीवन के असली उद्देश्य को समझने के लिए एक नया दृष्टिकोण अपनाया। अब वह अपने ज्ञान और अनुभव को साझा करने के लिए लोगों से संवाद करते हैं और उन्हें आध्यात्मिकता की ओर मार्गदर्शन करते हैं।

किसी भी इंसान का जीवन अपनी दिशा बदल सकता है, और यह हमेशा हमारी आंतरिक इच्छाओं और हमारी आत्मा की आवाज पर निर्भर करता है कि हम किस दिशा में आगे बढ़ें। अभय सिंह जैसे लोग यह दिखाते हैं कि शांति और संतोष हासिल करने के लिए एक सामान्य जीवन जीने से कहीं अधिक ज़रूरी हमारी आत्मा की संतुष्टि और उद्देश्य होता है।
अभय सिंह का जीवन यात्रा

अभय सिंह, जिनका नाम अब IITian बाबा के रूप में प्रसिद्ध हो चुका है, हरियाणा के झज्जर जिले के एक छोटे से गांव सासरौली से तालुक रखते हैं। अभय सिंह के परिवार में वे इकलौते बेटे हैं, और उनकी एक बहन है जो कनाडा में रहती है। अभय सिंह की शिक्षा का सफर बहुत ही शानदार रहा है, वे बचपन से ही पढ़ाई में अव्‍ल रहे। डी.एच.लारेंस स्कूल में पढ़ाई करते हुए उन्‍होंने टॉप किया, और इसके बाद 2008 में Mumbai IIT में 731 वीं रैंक के साथ दाखिला लिया। उन्होंने IIT से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और इसके साथ ही दर्शनशास्त्र की भी पढ़ाई पूरी की।

हालांकि एक साल से वे अपने परिवार से संपर्क में नहीं हैं, और अपनी ज़िंदगी की यात्रा को एक नई दिशा दे चुके हैं। उन्होंने अपनी नौकरी और भौतिक सुखों को छोड़कर आध्यात्मिक मार्ग को अपनाया है।

आध्यात्मिक यात्रा की ओर

अभय सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि उनका जीवन अब महादेव को समर्पित है और उन्होंने आध्यात्म की ओर कदम बढ़ाए हैं। वे कहते हैं कि शिव ही सत्य है, शिव ही सुंदर है, और वे अब अपने जीवन में आध्यात्मिक संतोष और शांति महसूस कर रहे हैं। उनका मानना है कि विज्ञान के माध्यम से भी आध्यात्म को समझने का प्रयास किया जा सकता है और यही उन्होंने अपनी जीवन यात्रा में किया है।