Haryana Update: हरियाणा में फिर खोला गया क्षतिपूर्ति पोर्टल, किसानों को मिलेंगा मुआवजा
हरियाणा सरकार ने ओलावृति से प्रभावित फसलों को इस क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से किसानों मुआवजा देने के लिए पोर्टल को ओपन किया है.
Top Haryana: हरियाणा मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि केंद्र में हाल ही में हुई ओलावृति और भारी बारिश की वजह से 615 गांवों में फसल का जो क्षति हुई है। इन सभी प्रभावित किसानों के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल को ओपन किया है और इसके विषय में किसानों को लघु संदेश सेवा के माध्यम से जानकारी दी गई है। जो भी किसान ओलावृति से प्रभावित है। वह इस पोर्टल पर ऑनलाइन अपना आवेदन कर सकते है। इसके पश्चात सरकार द्वारा उसे मुआवजा दिया जाएगा। यह पोर्टल 10 मार्च तक ओपन किया गया है।
नायब सैनी ने यह सूचना पंचकूला में बजट 2025-26 के लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग हरियाणा के द्वारा राज्य में ओलावृति से प्रभावित किसानों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने सभी उपायुक्तों जिलों में ओलावृष्टि और भारी बारिश के कारण किसानों की फसलों को हुए नुकसान की सूचना देने के निर्देश दिए थे। जिलों से यह खबर सामने आई है कि सरकार किसान मित्र है और उन्हें वित्तिय रूप से मजबूत बनाने की लिए अग्रसर है।
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि राज्य में किसानों की मदद करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और हरियाणा क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से फसल नुकसान की सूचना के लिए व्यवस्था उपलब्ध है। जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करवाया है, वे अपने नज़दीक कृषि अधिकारी या टोल-फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर 72 घंटे के अंदर अपनी फसल नुकसान की रिपोर्ट दर्ज करवा सकते हैं।
बीमा योजना नहीं है तो यह करें किसान
जो किसान फसल बीमा योजना के तहत रजिस्टर्ड नहीं हैं, वे हरियाणा क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपनी फसल के नुकसान को दर्ज करवा सकते हैं। इसके लिए उनको ‘मेरी फसल, मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।
कृषि मंत्री ने ऐसे किसानों से जल्द से जल्द पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाने का अनुरोध किया है। मंत्री श्याम सिंह राणा ने सभी किसानों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित समय सीमा के अंदर अपनी फसल के नुकसान की रिपोर्ट दर्ज करवा लें और सरकार की सहायता योजनाओं के भागीदार बनें।
भूपेंद्र हुड्डा ने वेरिफिकेशन न करने के लगाए आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने कहा है कि केंद्र में लगातार 3 दिन तक हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण 12 जिलों में गेहूं और सरसों की फसल का भारी नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल खेतों में पूरी तरह से बिछ गई है, वहीं सरसों के दाने भी झड़ गए हैं। इसके अतिरिक्त पशु चारा, सब्जियां व प्याज जैसी कई फसलों में भी भारी नुकसान हुआ है।
इसलिए सरकार को कोरी बयानबाजी को छोड़कर तुरंत फसलों में हुए नुकसान की गिरदावरी करवानी चाहिए और उन्हें उचित क्षतिपूर्ति करना चाहिए। जनवरी में भी ओलावृष्टि के चलते फसलों में भारी नुकसान हुआ था। उस दौरान कांग्रेस द्वारा मांग उठाए जाने के बाद सरकार ने गिरदावरी का ऐलान तो किया था।
लेकिन न सरकार ने गिरदावरी करवाई और न ही क्षतिपूर्ति करवाई। 1763 गांव के 5299 किसानों ने नष्ट हुई 2.6 लाख एकड़ में फसलों का ब्यौरा क्षतिपूर्ति पोर्टल पर डाला था। लेकिन अब तक सरकार ने 2.03 लाख एकड़ फसल का सत्यापन तक नहीं करवाया।