Haryana news: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी होने पर नहीं मिलेगी पुलिस की नौकरी, जानें पूरा मामला

Haryana news: हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनते हुए अब आपराधिक आरोप तय होने पर पुलिस की नौकरी नहीं मिलेगी...
 

Top Haryana: हरियाणा और पंजाब हाईकोर्ट ने पुलिस भर्ती को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी उम्मीदवार पर आपराधिक मामले में आरोप तय (Charges Framed) हो चुके हैं तो वह व्यक्ति पुलिस कांस्टेबल जैसे पद के लिए योग्य नहीं माना जाएगा। हाईकोर्ट ने इस फैसले में यह भी कहा कि पुलिस जैसी जिम्मेदारी वाली नौकरी में ऐसे व्यक्ति को शामिल नहीं किया जा सकता जिस पर गंभीर आरोप हों।

कांस्टेबल भर्ती को लेकर याचिका खारिज
यह फैसला जस्टिस जगमोहन बंसल की सिंगल बेंच ने सुनाया। कोर्ट ने यह फैसला सिरसा निवासी कुलदीप सिंह की याचिका को खारिज करते हुए दिया जिसने 2020 में कांस्टेबल पद के लिए आवेदन किया था। कुलदीप सिंह BCA श्रेणी से था और उसने चयन की पूरी प्रक्रिया पास कर ली थी लेकिन उसे नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया। इस पर उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

आरोप तय होने की वजह से नहीं मिली नौकरी
सरकार की ओर से कोर्ट में बताया गया कि कुलदीप सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत एक गंभीर आपराधिक मामला दर्ज है और उस पर 11 फरवरी 2020 को आरोप तय हो चुके थे। जबकि उसने दिसंबर 2020 में पुलिस भर्ती के लिए आवेदन किया था। यानी आवेदन करते समय वह पहले से एक आपराधिक केस में आरोपी था।

FIR का पूरा ब्योरा नहीं दिया गया
याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि FIR का जिक्र आवेदन में किया गया था इसलिए अब नियुक्ति न देना गलत है। लेकिन सरकार की तरफ से यह स्पष्ट किया गया कि न तो आवेदन में एफआईआर की पूरी जानकारी दी गई और न ही चार्जशीट या आरोप तय होने की स्थिति का कोई जिक्र किया गया। ऐसे में यह जानकारी छुपाने की कोशिश मानी गई।

कोर्ट ने माना सरकार का फैसला सही
कोर्ट ने कहा कि पुलिस विभाग में नौकरी के लिए चरित्र और भरोसेमंद छवि बहुत जरूरी होती है। यदि किसी व्यक्ति पर आपराधिक आरोप तय हो चुके हों तो उसे ऐसे पद पर नियुक्त नहीं किया जा सकता। इसलिए कोर्ट ने हरियाणा सरकार द्वारा कुलदीप सिंह को नियुक्ति पत्र न देने के फैसले को सही ठहराया और याचिका खारिज कर दी।