Haryana news: हरियाणा में छोटे रिहायशी प्लॉटों पर अब नहीं करना पड़ेगा ये काम, मुख्यमंत्री नायब सैनी का बड़ा ऐलान

Haryana news: हरियाणा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, आइए जानें पूरी खबर विस्तार से... 
 

Top Haryana news: हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन मुख्यमंत्री नायब सैनी ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में 50 वर्ग गज तक और ग्रामीण क्षेत्रों में 100 वर्ग गज तक के रिहायशी प्लॉटों की रजिस्ट्री पर कोई स्टांप ड्यूटी नहीं ली जाएगी। यह फैसला खास तौर पर गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

पीएम और सीएम आवास योजनाओं को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि यह छूट केवल सामान्य लोगों को ही नहीं बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना और मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत मिलने वाले प्लॉटों पर भी लागू होगी।

इससे उन लोगों को काफी फायदा होगा जो सरकारी योजनाओं के तहत सस्ते मकान या प्लॉट खरीदते हैं। अब उन्हें रजिस्ट्री के समय भारी-भरकम स्टांप ड्यूटी नहीं देनी पड़ेगी।

कालेधन पर लगेगा लगाम

सीएम सैनी ने कहा कि यह कदम सिर्फ टैक्स में राहत देने के लिए नहीं उठाया गया है, बल्कि इसका उद्देश्य कालेधन पर रोक लगाना और संपत्ति खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता लाना भी है। जब लोग कम स्टांप ड्यूटी की वजह से सही रजिस्ट्री कराएंगे, तो गुप्त सौदों और अघोषित लेन-देन पर भी अंकुश लगेगा। इससे सरकार को भी सही डेटा मिलेगा और भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी।

कलेक्टर रेट तय करने में अपनाया गया फॉर्मूला

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछली सरकारों ने बिना किसी तय फॉर्मूले के कलेक्टर रेट बढ़ा दिए थे, जिससे बिल्डरों और भूमाफियाओं को फायदा हुआ और किसानों को नुकसान उठाना पड़ा।

उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने पहली बार एक स्पष्ट फॉर्मूले के तहत कलेक्टर रेट में बदलाव किया है। पूरे प्रदेश में 72.8 प्रतिशत क्षेत्र ऐसे हैं, जहां केवल 10% की ही बढ़ोतरी की गई है। इसका उद्देश्य सही मूल्यांकन के आधार पर रेट तय करना था ताकि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो।

गरीब और मध्यम वर्ग के लिए राहत भरी खबर

मुख्यमंत्री के इस फैसले से प्रदेश के लाखों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ा लाभ मिलेगा। अब वे कम खर्च में अपने छोटे प्लॉट की रजिस्ट्री करा सकेंगे और अपना घर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा सकेंगे। सरकार के इस कदम से न केवल आम जनता को राहत मिलेगी बल्कि राज्य में प्रॉपर्टी के लेन-देन में पारदर्शिता और विश्वास भी बढ़ेगा।