Chandigarh Court: अमेरिका का फैसला गया पलट, कोर्ट ने तलाक केस में सुनाया ऐतिहासिक निर्णय 

Chandigarh Court: देश की किस कोर्ट ने पलट दिया अमेरिका राष्ट्र की कोर्ट का फैसला, चंडीगढ़ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने तलाक के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जिससे वह चर्चा में है।  

 

Top Haryana: पति और पत्नी के बीच तकरार के बाद नौबत तलाक तक आ जाती है, तलाक के कई मामले सुने होंगे और देखे होंगे लेकिन चंडीगढ़ सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत में तलाक का एक ऐसा मामला आया, जिस पर कोर्ट ने विदेश की कोर्ट के फैसले को ही पलट दिया। तलाक के एक मामले में चंडीगढ़ जिला अदालत ने ऐतिहासिक और साहसी फैसला सुनाया।

चंडीगढ़ सिविल जज कौशल कुमार यादव ने अमेरिका की सुपीरियर कोर्ट ऑफ कैलिफोर्निया के 5 साल पुराने तलाक के एक फैसले को अमान्य करार दे दिया।चंडीगढ़ की एक युवती की यमुनानगर, हरियाणा के एक युवक से शादी हुई थी, युवक ने शादी के महज साढ़े तीन महीने बाद ही युवती से तलाक ले लिया, उनकी शादी भारत में हुई थी लेकिन युवक ने अमेरिका जाकर वहां कैलिफोर्निया की कोर्ट में तलाक की अर्जी दे दी।

युवती ने उसका विरोध किया लेकिन विदेशी अदालत ने उसकी एक न सुनी और दोनों की शादी को निरस्त करार दे दिया, उस युवती ने हिम्मत नहीं हारी और चंडीगढ़ जिला अदालत में सिविल केस दायर कर दिया, उसने एडवोकेट जीएस कौशल के माध्यम से अमेरिकी कोर्ट के फैसले को चंडीगढ़ में चुनौती दी।

हिंदू मैरिज एक्ट के तहत 

एडवोकेट जीएस कौशल ने अदालत में बहस के दौरान कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अनुसार यदि विदेशी कोर्ट तलाक के केस में कोई भी फैसला हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 के तहत नहीं सुनाएगी तो उसे भारत में माना नहीं जाएगा। इस केस में अदालत ने महज साढ़े तीन महीने की शादी में तलाक की अर्जी मंजूर कर दी जबकि हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 14 के तहत शादी के 1 साल के पहले तलाक का केस दायर नहीं किया जा सकता।

सुपीरियर कोर्ट ऑफ कैलिफोर्निया का ये फैसला हिंदू मैरिज एक्ट के तहत नहीं था, युवक इस केस में अदालत में पेश भी नहीं हुआ, ऐसे में चंडीगढ़ जिला अदालत ने अमेरिकी कोर्ट के फैसले को अमान्य करार दे दिया।

पूरा मामला

युवक और युवती की शादी 28 मई 2019 को यमुनानगर में हुई थी, 13 जून 2019 को यमुनानगर के रजिस्ट्रार ऑफ मैरिज के पास हिंदू मैरिज एक्ट के तहत उनकी शादी रजिस्टर्ड हो गई, शादी के कुछ समय बाद तक वे यमुनानगर में ही रहे, कुछ दिनों बाद दोनों अमेरिका चले गए। वहां युवक ने अपना असली रंग दिखा दिया, उसने युवती को वहां अकेला छोड़ दिया।

कुछ दिनों बाद युवक ने सुपीरियर कोर्ट ऑफ कैलिफोर्निया में तलाक का केस दायर कर दिया, 10 जुलाई 2019 को युवती को अमेरिकी कोर्ट से समन आ गए,  युवती ने अपने वकील के जरिए उस याचिका का विरोध किया और कहा कि उनकी शादी हिंदू कानून के मुताबिक हुई है और उनके तलाक का केस अमेरिकी कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता लेकिन अदालत ने उसकी एक न सुनी और युवक के हक में फैसला सुना दिया।