Haryana news: 5 साल की मानवी ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, ताइक्वांडो में हासिल की दो ब्लैक बेल्ट

Haryana news: हरियाणा के करनाल जिले के बागपत गांव की रहने वाली 5 साल की मानवी ने इतिहास रच दिया है, आइए जानें कैसे...
 

Top Haryana news: हरियाणा के करनाल जिले के बागपत गांव की रहने वाली 5 साल की मानवी ने ताइक्वांडो में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो बड़े-बड़े खिलाड़ी भी नहीं कर पाते।

इतनी कम उम्र में मानवी ने दो ब्लैक बेल्ट हासिल कर नया इतिहास रच दिया है। इसके साथ ही वह दुनिया की सबसे कम उम्र की ताइक्वांडो खिलाड़ी बन गई हैं जिसे दो ब्लैक बेल्ट मिले हैं। इस उपलब्धि के लिए 24 अगस्त 2025 को मुंबई में उन्हें 'वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस लंदन बुक' की ओर से सम्मानित किया गया।

तीन साल की उम्र में पहली ब्लैक बेल्ट

मानवी ने सिर्फ 3 साल की उम्र में ताइक्वांडो की ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी थी। उनके पिता सतीश खुद एक ताइक्वांडो कोच हैं जिनसे मानवी को इस खेल की प्रेरणा मिली। 28 फरवरी 2023 को कोरिया के कुक्कीवोन से उन्हें पहली ब्लैक बेल्ट मिली। इतनी छोटी उम्र में यह उपलब्धि हासिल करना बहुत बड़ी बात मानी जाती है।

दूसरी ब्लैक बेल्ट मिलने के बाद बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

पहली ब्लैक बेल्ट के बाद मानवी ने रुकने का नाम नहीं लिया। उन्होंने लगातार अभ्यास किया और 28 अप्रैल 2025 को यानी 5 साल की उम्र में दूसरी ब्लैक बेल्ट हासिल कर ली। इसके साथ ही उनका नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया। अब मानवी दुनिया की सबसे कम उम्र की दो ब्लैक बेल्ट वाली ताइक्वांडो खिलाड़ी बन चुकी हैं।

मुंबई में हुआ सम्मान समारोह

24 अगस्त को मुंबई में एक भव्य कार्यक्रम में मानवी को 'वर्ल्ड रिकॉर्ड और एक्सीलेंस अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया। इस समारोह में कई मशहूर लोग शामिल हुए। इनमें वर्ल्ड रिकॉर्ड लंदन से डॉ. दिवाकर शुक्ला, यूएसए से डॉ. मधु किशन, महाराष्ट्र के लोकपद अध्यक्ष राजेंद्र दास, ISKCON के सूरदास प्रभु जी, टीवी अभिनेत्री रूपल पाटिल (कोकिला), अभिनेता पंकज बेरी, फैशन आइकॉन विशाल कपूर और मराठी फिल्म अभिनेत्री कंचन पागरे जैसी हस्तियां मौजूद थीं।

परिवार से मिला पूरा सहयोग

मानवी को खेल में आगे बढ़ने के लिए अपने माता-पिता का पूरा समर्थन मिला। उनके पिता सतीश खुद ताइक्वांडो के मास्टर हैं और मां भी इस खेल से जुड़ी रही हैं। मानवी ने बताया कि ताइक्वांडो में उन्हें मजा आता है और वह रोज़ाना घंटों अभ्यास करती हैं। उनके पिता का सपना है कि मानवी एक दिन ओलंपिक में देश का नाम रोशन करे और गोल्ड मेडल जीतकर भारत को गर्व महसूस कराए।

नन्हीं मानवी बनी देश की शान

इतनी छोटी उम्र में दो-दो ब्लैक बेल्ट हासिल करना न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। मानवी की यह मेहनत और लगन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। अब सभी को उम्मीद है कि वह आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतेंगी।