Agriculture news 2025: इस तरह की खेती करने पर मिलेगा बड़ा मुनाफा, जानें करने का सही तरीका
Top Haryana: भारत के कई राज्यों में इसकी खेती की जाती है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां मिट्टी और जलवायु इसके लिए उपयुक्त है। मूंगफली की खेती कम लागत में अधिक मुनाफा देती है मूंगफली की खेती किसानों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, जो कम लागत में अधिक मुनाफा देती है। यह फसल कई कृषि जलवायु क्षेत्रों में उगाई जा सकती है और इसकी बाजार में काफी मांग है।
आप भी मूंगफली की खेती करना चाहते हैं,और किसी ऐसी फसल की खेती की तलाश में है जिससे आपको अच्छा खासा मुनाफ प्राप्त हो, तो आप मूंगफली की खेती कर शानदार कमाई कर सकते हैं। आइए जानते हैं इसकी खेती कैसे की जाती हैं।
मिलेगा बेहतर उत्पादन
मूंगफली की खेती में बेहतर उत्पादन पाने के लिए सही विधि और समय पर खेती करना बहुत जरूरी है। आप मूंगफली की खेती के बारे में सोच रहे हैं तो बता दें कि इसे उगाने के लिए खेत की तीन से चार बार जुताई करनी चाहिए। इसके लिए मिट्टी पलटने वाले हल से जुताई सही होती है और हां, मूंगफली के खेत में नमी बनाए रखने के लिए जुताई के बाद फटा लगाना जरूरी है। इसके बीज की बुआई से पहले गोबर की खाद या जैविक खाद का छिड़काव खेत में करें।
बिजाई का समय
आप मूंगफली की खेती के बारे में सोच रहे हैं तो बता दें कि इसे उगाने के लिए खेत की तीन से चार बार जुताई करनी चाहिए। मूंगफली के बिजाई का समय जून व जुलाई में की जाती है और यह खेती 90 से 100 दिनो के बीच पक जाती है। इसे वैज्ञानिक तरीके से मूंगफली की खेती करने पर एक एकड़ में 20 से 25 क्विंटल मूंगफली प्राप्त कर सकेंगे। इसकी खेती से किसान कम समय में ही मालामाल हो सकते हैं।
इस तरीके से करें खेती
मूंगफली की खेती सही तकनीक और उन्नत प्रजातियों के इस्तेमाल से किसानों को अधिक उत्पादन और मुनाफा दे सकती है। एक एकड़ जमीन से 25 क्विंटल मूंगफली का उत्पादन संभव है। किसान मूंगफली के बेहतर उत्पादन के लिए बेहतर बीज को चुने। जिसमें जे।जी।एन -3, जे।जी।एन -23, जी-जी 23 समेत अन्य कई प्रजाति बेहतर उत्पादन देते हैं। बता दें कि एक एकड़ जमीन के लिए 50 से 60 किलो बीज की आवश्यकता (Groundnut cultivation tips)पड़ती है। जब बीज लग जाएं उसके बाद दो से तीन बार खेत की निराई और गुड़ाई करें।
मिलेगा मोटा लाभ
मूंगफली की खेती को वैज्ञानिक तरीकों से करने पर किसानों को मोटा लाभ मिल सकता है। खेत की सही तैयारी, उर्वरकों का उपयोग, और पानी के प्रबंधन से फसल की उत्पादकता बढ़ती है। आपको बता दें कि मूंगफली के बीज खेत में मेढ़ तैयार करने के बाद लगाने से कई समस्याओं से छुटकारा मिलता है।
इस तरीके से इसकी खेती करने से बरसात का पानी खेत में नहीं रुकेगा और अच्छा उत्पादन भी प्राप्त होता है। मूंगफली की खेती किसानों के लिए कम समय में ज्यादा मुनाफा देने वाली फसल साबित हो सकती है। यह खेती 90 से 100 दिनो के बीच पक जाती है। लगभग, एक एकड़ मूंगफली की खेती में 120 किलो यूरिया, 60 किलो पोटास और 60 किलो डीएपी की आवश्यकता पड़ती है और वैज्ञानिक तरीके से मूंगफली की खेती करने पर एक एकड़ में 20 से 25 क्विंटल मूंगफली प्राप्त कर सकेंगे। इसकी खेती से किसान कम समय में ही मालामाल हो सकते हैं।
